यह प्रक्रिया चार चरणों में सम्पन्न हुई। इन चारों चरणों के तहत कुल 3,34,953 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2,52,269 स्वीकृत हुए और 1,85,675 बच्चों का विद्यालयों के लिए आवंटन कर दिया गया। अब तक इन आवंटनों के सापेक्ष कुल 1,06,592 बच्चों का नामांकन सफलतापूर्वक कराया जा चुका है।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि उत्तर प्रदेश का हर बच्चा, चाहे वह किसी भी वर्ग या पृष्ठभूमि से आता हो, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का हकदार बने। आरटीई के तहत गरीब बच्चों को निजी विद्यालयों में दाखिला दिलाना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशिता की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारा लक्ष्य है कि ये बच्चे शिक्षित होकर आत्मनिर्भर बनें और नए उत्तर प्रदेश के निर्माण में भागीदार बनें।
नामांकन के मामले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 10 जिलों ने राज्य में अभियान की सफलता की कहानी लिखी है और दिखाया है कि सरकार और प्रशासनिक तंत्र की सक्रियता से किस प्रकार नीतियों को ज़मीन पर प्रभावी ढंग से उतारा गया है। इन जिलों में बस्ती, हरदोई, एटा, बलरामपुर, बदायूं, श्रावस्ती, देवरिया, ललितपुर, महोबा और जौनपुर शामिल हैं।
टॉप-10 जिलों ने इतने प्रतिशत बच्चों को दिलाया प्रवेश
बस्ती — 93% प्रवेश सुनिश्चित कर पहले स्थान पर।
हरदोई — 90% के साथ दूसरा स्थान।
एटा — 88% के साथ तीसरा स्थान।
बलरामपुर, बदायूं, श्रावस्ती — 87% के साथ चौथे स्थान पर।
देवरिया — 86%।
ललितपुर, महोबा — 84%।
जौनपुर — 83%।