बुलंदशहर में लगाए थे आबिद जट्ट के पोस्टर
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तानी गैंगस्टरों और आईएसआई एजेंट्स के संपर्क में थे। उन्हें विभिन्न स्थानों पर आबिद जट्ट के पोस्टर लगाने और उसका वीडियो बनाकर भेजने का निर्देश दिया गया था, जिससे क्षेत्र में भय और आतंक का माहौल बनाया जा सके।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बुलंदशहर में कई स्थानों पर आबिद जट्ट के पोस्टर लगाए थे और उसका वीडियो बनाकर अपने आकाओं को भेजा था। इसके एवज में उन्हें 12 हजार रुपये मिलने थे।
दस हजार में करनी थी रेकी
लखनऊ और प्रयागराज के बमरौली एयरफोर्स स्टेशन की रेकी करने का टास्क शहजाद भट्टी ने इन दोनों को दी थी। इसके लिए दस हजार रुपये भी भेजे थे। जल्द ही दोनों रेकी करने आने वाले थे।
एटीएस ने आरोपियों के कब्जे से पोस्टर लगाने से संबंधित वीडियो, आबिद जट्ट के पोस्टर और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
अब तक पांच केस हो चुके हैं दर्ज
आरोपियों के खिलाफ एटीएस थाना लखनऊ में केस दर्ज कर किया गया है। एटीएस के मुताबिक, मामले में अब तक पांच केस दर्ज किए जा चुके हैं और कुल 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एजेंसी अब इस नेटवर्क की फंडिंग, संपर्क सूत्रों और संभावित स्लीपर सेल की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।