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UP: बड़ी वारदात की साजिश रच रहे दो संदिग्ध आतंकी पकड़े, आर्मी-एयरफोर्स की रेकी करने के मिले थे दस हजार

Thu, 18 Jun 2026 08:44 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश की आतंकवाद निरोधक इकाई ने दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। जांच में उनके विदेशी नेटवर्क से जुड़े होने और संवेदनशील सैन्य ठिकानों की रेकी की तैयारी के आरोप सामने आए हैं। एजेंसी को डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। मामले में फंडिंग, संपर्कों और अन्य सहयोगियों की जांच जारी है।
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बाएं से- मोहम्मद उमर और फैजान को एटीएस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने पाकिस्तान से संचालित एक संदिग्ध आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के नेटवर्क से जुड़कर देशविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने और संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों की रेकी करने की तैयारी कर रहे थे।  उसके बाद वह आतंकी वारदात को अंजाम देते। संदिग्ध आतंकियों ने लखनऊ स्थित आर्मी कैंट और प्रयागराज के बमरौली एयरफोर्स स्टेशन की रेकी करने की भी फिराक में थे।

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एटीएस के मुताबिक, काफी समय से सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट का नेटवर्क सोशल मीडिया के माध्यम से भारत में स्लीपर सेल तैयार करने की कोशिश कर रहा है। 

इसके लिए युवाओं को आर्थिक लाभ का लालच देकर अपने साथ जोड़ा जा रहा था। जांच करते हुए एटीएस ने 17 जून को बुलंदशहर के अकबरपुर गांव निवासी फैजान और मोहम्मद उमर को गिरफ्तार किया। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को भड़काकर सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित करने की साजिश रच रहे थे।

 

 

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बुलंदशहर में लगाए थे आबिद जट्ट के पोस्टर

जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तानी गैंगस्टरों और आईएसआई एजेंट्स के संपर्क में थे। उन्हें विभिन्न स्थानों पर आबिद जट्ट के पोस्टर लगाने और उसका वीडियो बनाकर भेजने का निर्देश दिया गया था, जिससे क्षेत्र में भय और आतंक का माहौल बनाया जा सके। 

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बुलंदशहर में कई स्थानों पर आबिद जट्ट के पोस्टर लगाए थे और उसका वीडियो बनाकर अपने आकाओं को भेजा था। इसके एवज में उन्हें 12 हजार रुपये मिलने थे।

 



 
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दस हजार में करनी थी रेकी

लखनऊ और प्रयागराज के बमरौली एयरफोर्स स्टेशन की रेकी करने का टास्क शहजाद भट्टी ने इन दोनों को दी थी। इसके लिए दस हजार रुपये भी भेजे थे। जल्द ही दोनों रेकी करने आने वाले थे। 

एटीएस ने आरोपियों के कब्जे से पोस्टर लगाने से संबंधित वीडियो, आबिद जट्ट के पोस्टर और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।

अब तक पांच केस हो चुके हैं दर्ज

आरोपियों के खिलाफ एटीएस थाना लखनऊ में केस दर्ज कर किया गया है। एटीएस के मुताबिक, मामले में अब तक पांच केस दर्ज किए जा चुके हैं और कुल 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एजेंसी अब इस नेटवर्क की फंडिंग, संपर्क सूत्रों और संभावित स्लीपर सेल की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
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