जीएसवीएम कॉलेज के दो चिकित्सा शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। एक चिकित्सा शिक्षक के खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस के मामले में जांच शुरू कराई गई है। यह कार्रवाई उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर की गई है।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. वैभव श्रीवास्तव मार्च 2014 में पद ग्रहण किया। वर्ष 2017 में बगैर शासन की अनापत्ति लिए डीएम पाठ्यक्रम में पढ़ाई के लिए चले गए। जांच के दौरान वे अनाधिकृत रूप से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के लिए दोषी पाए गए। इसी तरह लोक सेवा आयोग से चयनित न्यूरो सर्जरी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. सौरभ दुबे नवंबर 2023 से लगातार बिना सूचना के अनुपस्थित हैं।
ऐसे में इन दोनों चिकित्सा शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। इसी तरह कालेज में तैनात रहे सह आचार्य डॉ. राघवेंद्र गुप्ता द्वारा कानपुर एवं फतेहपुर में प्राइवेट प्रैक्टिस करने का मामला सामने आया था। इन्हें झांसी स्थित मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित किया गया। डॉ. गुप्ता के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही कमिश्नर कानपुर मंडल को जांच अधिकारी भी नामित किया गया है।
कई डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश
प्रदेश में कई चिकित्साधिकारियों के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसमें अंबेडकर नगर में कार्यरत डॉ. नायला आफसीन, श्रावस्ती में कार्यरत डॉ. अजय आनंद के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज आगरा से डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में प्रतिनियुक्ति पर इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में तैनात सहायक आचार्य डॉ. उत्कर्ष कुमार श्रीवास्तव की प्रतिनियुक्ति अविध भी दो वर्ष के लिए बढ़ा दी गई है।