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UP: होटल-रिजॉर्ट से लेकर पेट्रोल पंप के मालिक हैं परिवहन विभाग के अधिकारी; 32 भ्रष्ट अधिकारियों की बनी लिस्ट

Sat, 11 Jul 2026 11:09 AM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

परिवहन विभाग के कई अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति, अवैध कमाई और दलालों के जरिए वसूली के गंभीर आरोपों की जांच चल रही है। सतर्कता एजेंसी ने कई अधिकारियों को निगरानी में रखा है। जांच में आलीशान संपत्तियों, निवेश और संदिग्ध आय के स्रोतों की पड़ताल की जा रही है।

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विजिलेंस अब कसेगी शिंकजा। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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परिवहन विभाग में कई अधिकारी रिजॉर्ट, फार्महाउस, पेट्रोलपंप और होटलों के मालिक हैं। कुछ के पास बीघों जमीन भी है। आधिकारिक सूत्र बताते हैं प्रदेश में कई आरटीओ, एआरटीओ और आरआई स्तर के अधिकारी दलालों की सांठगांठ से प्रतिमाह न्यूनतम 20 लाख रुपये की ऊपरी कमाई कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि ऐसे 32 भ्रष्ट अधिकारी विजिलेंस के रडार पर हैं। ये अधिकारी अपनी काली कमाई छिपाने में लगे हुए हैं।

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पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के अलीगंज स्थित आवास पर विजिलेंस ने छापा मारा था। इस कार्रवाई में 13 किलो सोना, नौ किलो चांदी सहित 30 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति बरामद हुई। एक अपर परिवहन आयुक्त पद पर तैनात रहीं अधिकारी ओवरलोड वाहनों से वसूली के लिए रात में हाईवे पर डेरा डालती थीं। 

उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले प्राइवेटकर्मियों से नियुक्ति के नाम पर लाखों रुपये वसूले। लखनऊ में रहे एक आरटीओ के भी होटल चल रहे हैं और उनके पास अकूत संपत्ति है। ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर भी करोड़ों रुपये वसूले जाते हैं। हालांकि, इन मामलों में किसी अधिकारी के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष या न्यायिक निर्णय अभी सामने नहीं आया है।

 

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दलालों से सांठगांठ कर होती है वसूली

ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर वाहनों से जुड़े हर काम के लिए सरकारी फीस के अतिरिक्त सेवा शुल्क तय है। दलाल आवेदकों की फाइलें लाते हैं और अधिकारी उन्हें निपटाते हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं आरटीओ के पास संभाग होता है, जिससे वसूली की रकम सभी जिलों से आती है। 

शहर में ओवरलोड वाहनों की एंट्री पर प्रति वाहन 4000 से 5000 रुपये वसूले जाते हैं। इसके अतिरिक्त ओवरलोड वाहनों और प्राइवेट डग्गामार बसों से महीनेवार 25 से 30 हजार रुपये वसूले जाते हैं। अकेले लखनऊ में ही 263 ऐसे वाहनों की सूची है, जिनसे प्रतिमाह वसूली होती है। आरटीओ प्रतिमाह 35 से 40 लाख रुपये, एआरटीओ 25 से 30 लाख रुपये और आरआई 20 से 25 लाख रुपये की ऊपरी कमाई करते हैं।

 
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यहां से होती है काली कमाई

ड्राइविंग लाइसेंस 2000 से 3000 रुपये तक
परमिट 5000 से 10000 रुपये तक
फिटनेस 3000 से 4000 रुपये तक
वाहनों के पंजीकरण 300 से 400 रुपये प्रति फाइल
वाहनों का ट्रांसफर 2000 से 3000 रुपये प्रतिवाहन तथा वाहन मालिक के नहीं होने पर 5000 रुपये तक
वाहनों के पुन पंजीकरण 2500 रुपये तक
एनओसी 3000 से 4000 रुपये तक






 
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