लखनऊ। राजधानी के निजी ब्लड बैंकों में निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली और रक्त की जांच व रखरखाव में लापरवाही का खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में खून, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा के लिए तय दर से 1000 रुपये तक अधिक वसूली के मामले सामने आए हैं। साथ ही एलाइजा जांच के बिना ही मरीजों को रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। अनियमितताओं के आधार पर तीन ब्लड बैंकों पर रोक लगाई गई है। अन्य केंद्रों की जांच की तैयारी है।
राजधानी में 60 ब्लड बैंक संचालित हैं। इनमें 29 चैरिटेबल संस्थाओं के जरिये चलाए जा रहे हैं। आरोप है कि छह से अधिक निजी केंद्र निर्धारित दरों से ज्यादा शुल्क वसूल रहे हैं। एफएसडीए की जांच में रामा चैरिटेबल ब्लड सेंटर में भी कई खामियां मिलीं। यहां एचआईवी और हेपेटाइटिस समेत संक्रमण संबंधी जांच सामान्य किट से की गई जबकि एलाइजा जांच नहीं हुई। फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (एफएफपी) को निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत प्लेटलेट एजिटेटर में रखने, कर्मचारियों की अनुपस्थिति और अधिक शुल्क वसूलने की अनियमितताएं भी सामने आईं। इसी तरह केएचएस चैरिटेबल ब्लड बैंक और लिटिल स्टार ब्लड बैंक में अनियमितताएं मिलने से इन पर रोक लगा दी गई है।