सरकार ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने पर जाने पर विचार किया जाएगा।
हाल ही में आयोजित पुलिस वीक के दौरान मुख्यमंत्री ने इशारा किया है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी जो इस पर विचार करेगी।
प्रश्न प्रहर में भाजपा के श्याम देव राय चौधरी के एक सवाल के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां ने यह जानकारी दी।
विधायक श्यामदेव व सुरेश कुमार खन्ना के अनुपूरक सवालों के जवाब में आजम खां ने बताया कि देश के 17 बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू है।
इसके अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश में यह क्यों नहीं है? इस पर विचार हो रहा है।
मौजूदा कानून सक्षम हैं, लेकिन इसे लागू करने वाले लोगों के शिथिलता बरतने के कारण यह सफल नहीं हो पाया है।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने की बात कही है जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर प्रणाली पर विचार किया जाएगा।
भाजपा के विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि पुलिस महानिदेशक रिजवान अहमद ने पद संभालते ही कहा था कि कमिश्नर प्रणाली लागू करने जा रहे हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे रहते हुए उन्होंने एक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। क्या सरकार को वह प्रस्ताव मिला है और उनकी ओर से इसे सार्वजनिक किया जाना ठीक था या नहीं?
रिजवान ने इस पर मुख्यमंत्री का रुख सकारात्मक होने की बात कही है। क्या उन्हें मुख्यमंत्री का हवाला देकर ऐसा कहने का अधिकार है?
आजम ने कहा कि सदस्य ने जानकारी दी है। इस बारे में जानकारी कराई जाएगी।