पुलिस भर्ती परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर दरोगा बनने वाले महिला समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद तीन और दरोगा भी आरोपी पाए गए हैं। मामले में उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करा दी गई है। घटना का खुलासा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की उच्च स्तरीय समिति की जांच में हुआ है। बोर्ड में तैनात इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार ने बुधवार देर रात हुसैनगंज थाने में चारों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिन तीन आरोपी दरोगाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है वो जुलाह पूरी आगरा, पीपीगंज गोरखपुर और गंगी बाजार, महाराजगंज के रहने वाले हैं।
ये था पूरा मामला
बोर्ड ने उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस और पुरुषों के लिए प्लाटून कमांडर, पीएसी एवं अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के पदों पर सीधी भर्ती 2020-21 की ऑनलाइन लिखित परीक्षा कराई थी। आरोप है कि मंटी बासी अलीगढ़ निवासी अभ्यर्थी गौरव कुमार 13 नवंबर 2021 को भर्ती परीक्षा में शामिल हुआ।
गौरव का परीक्षा केंद्र कॉस्मो फाउंडेशन जानकीपुरम विस्तार में था। उपनिरीक्षक के पद पर चयन के बाद गौरव को प्रशिक्षण पर भेज दिया गया। इस बीच भर्ती परीक्षा को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में एक रिट याचिका संदीप परिहार व 28 अन्य बनाम यूपी राज्य व अन्य दाखिल की गई।
इसमें गौरव कुमार के बोर्ड स्तर और ऑनलाइन लिखित परीक्षा के समय लिए गए बॉयोमीट्रिक पहचान भिन्न मिले। पता चला कि दरोगा का प्रशिक्षण ले रहे गौरव ऑनलाइन लिखित परीक्षा में खुद शामिल नहीं हुए थे। उसने अपनी जगह सॉल्वर बिठाया था। इसी तरह फफोटू एटा निवासी मालती की हाथरस रोड आगरा स्थित परीक्षा केंद्र एसपीएस इंफोटेक श्री प्रताप सिंह महाविद्यालय में 17 नवंबर 2021 को ऑनलाइन परीक्षा थी। मालती ने भी अपनी जगह सॉल्वर बिठाया था।
जांच में यह भी पता चला कि मचकौली बुलंदशहर निवासी निर्भय सिंह जादौन की 20 नवंबर 2021 को सिकंदरा, आगरा में यश इंफोटेक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में परीक्षा थी। निर्भय ने भी अपनी जगह सॉल्वर बिठाया था। वहीं, शांतिकुंज रोहता रोड, मेरठ निवासी अभ्यर्थी रोहित कुमार भी जांच में सॉल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाने के आरोपी पाए गए। रोहित को 27 नवंबर 2021 को छात्रशक्ति इंफो सॉल्यूशन कुर्सी रोड पर परीक्षा में बैठना था।