- परीक्षा का आयोजन 60 जिलों के 955 परीक्षा केंद्रों पर कुल 5 पालियों में होगा
- 2 जुलाई को उच्च प्राथमिक स्तर, 3 जुलाई को प्रथम पाली में उच्च प्राथमिक तथा द्वितीय पाली में प्राथमिक स्तर तथा 4 जुलाई को प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा होगी
- परीक्षा में कुल 19,94,661 अभ्यर्थी शामिल होंगे, इनमें 17,67,180 अभ्यर्थी यूपी के, जबकि 2,27,481 अभ्यर्थी अन्य राज्यों के हैं
- परीक्षा में 1,85,791 सेवारत शिक्षक तथा 18,08,870 नए अभ्यर्थी शामिल होंगे
- प्राथमिक स्तर के लिए 3,88,179, उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 8,16,436 तथा दोनों स्तरों के लिए 3,95,023 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है
- सर्वाधिक परीक्षा केंद्र एवं अभ्यर्थियों वाले जिलों में वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर नगर, मेरठ, मऊ, मुरादाबाद, आगरा तथा जौनपुर शाामिल हैं।
टीईटी के लिए जौनपुर से सबसे अधिक 67597 और लद्दाख से सबसे कम एक अभ्यर्थी पंजीकृत है। बिहार से 31766, मध्य प्रदेश से 20375, दिल्ली से 16411 और राजस्थान से 12774 अभ्यर्थी शामिल होंगे। हरियाणा से 5748, झारखंड से 5635, उत्तराखंड से 2710 और पश्चिम बंगाल से 1909 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।
इस बारे में निर्देश जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ अन्य राज्यों से भी आएंगे। ऐसे में रेलवे स्टेशन, बस अड्डों तथा प्रमुख यातायात केन्द्रों पर पर्याप्त सहायता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। परिवहन निगम, रेलवे तथा आवश्यकतानुसार निजी स्थानीय परिवहन संचालकों के साथ समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। परीक्षा के पूर्व एवं पश्चात संभावित भीड़ को देखते हुए प्रभावी यातायात प्रबंधन किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेष व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बड़ी संख्या में युवाओं के आवागमन के दौरान खाद्य एवं पेय पदार्थों के मूल्य अनावश्यक रूप से न बढ़ाए जाएं।