वनाबिल बिजनेस सॉल्यूशन कंपनी चेन्नई के अन्य खातों के बारे में जानकारी जुटाई गई तो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस अफसरों के मुताबिक कंपनी के नाम से एक्सिस बैंक के दो खातों में कुल 907 करोड़ रुपये के लेनदेन की बात सामने आई। एक खाते में 639 करोड़ और 268 करोड़ का लेनदेन हुआ है। इसमें से ज्यादातर पैसा साइबर ठगी का होना बताया जा रहा है।
जिस कंपनी में करते थे काम, वहीं में की थी ठगी
पुलिस के मुताबिक आरोपी जावेद जलाल ने पूछताछ में बताया कि वह मथीअजागन के साथ 2018 में निक्सटीजेन सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड ब्रांच केके नगर मदुरई तमिलनाडु नामक कंपनी में काम करते थे। महताब आलम निवासी माधोपुर सिवान राज्य बिहार से हम लोगों की दोस्ती हुई थी। महताब कंपनी में काफी पैसा हम दोनों के माध्यम से ट्रांसफर कराता था, जहां हम अपनी कंपनी का कमीशन काटकर महताब आलम द्वारा बताए गए अन्य खातों में भेज देते थे। चूंकि महीनेभर में ही कई करोड़ का लेनदेन हो जाता था, जिसमें लाखों का कमीशन हमारी कंपनी को मिल जाता था। कमीशन के पैसों के लालच में मैंने व मेरे साथी मथीअजागन ने महताब आलम के आर्थिक सहयोग से चेन्नई में वनाबिल बिजनेस सॉल्यूशन कंपनी बनाई थी। इसके बाद हम लोग साइबर ठग अपराध गैंग सेे जुड़ गए।
आरोपी जावेद ने बताया है कि रायबरेली से एजेंट संजय पांडेय ने कई बार कैश डिपॉजिट मशीन से कंपनी के खाते में पैसा भेजा था। जब हमारे खाते लगातार सीज होने लगे तो महताब चेन्नई में ही नगद पैसे उपलब्ध कराया करता था। मैं अपने खाते में भेजकर महताब के बताए खातों में भेज दिया करता था। एएसपी का कहना है कि महताब की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। खासकर रहीम के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, जो इस गैंग का सरगना बताया जा रहा है।