प्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 669 लाख मीट्रिक टन हो गया है। वर्ष 2016-17 में जहां यह दर 5.1 फीसदी थी, वहीं 2023-24 में बढ़कर 13.7 प्रतिशत हो गई है। शासन के मुताबिक वर्ष 2016-17 में 557 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन था, जो 2023-24 में बढ़कर 669 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। यही नहीं खाद्यान्न उत्पादकता भी 27 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 31 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है।
तिलहन उत्पादन में भी 128 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 400 लाख टन फल और सब्जियों के उत्पादन के साथ प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। सरकार ने पीएम कुसुम योजना के तहत 76,189 से अधिक सोलर पंप आवंटित किए हैं। वहीं, मंडी व्यवस्था में तकनीक को बढ़ावा देने से कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए सीडलिंग उत्पादन से 60 हजार महिलाओं को रोजगार मिला।