मिड रेंज की गाड़ियां रहीं डिमांड में।
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आटो सेक्टर एक्सपर्ट विजय प्रताप सिंह के मुताबिक यूपी में सड़कों का संजाल लगातार बेहतर हो रहा है। इंटर कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। दो हजार किलोमीटर के एक्सप्रेस वे नेटवर्क ने इसमें खासा योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि इस कारण घर या घूमने जाने के लिए रेल, बस या हवाई सेवा का इस्तेमाल करने के साथ-साथ अपने वाहन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। खास तौर पर कोविड काल के बाद से कार से 800 किलोमीटर तक का सफर करने वालों में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। यही वजह है कि ज्यादा सेफ्टी फीचर वाली कारों की बिक्री बढ़ी है। इस सेगमेंट में अधिकांश की कीमत 10 लाख से 15 लाख के बीच है। वहीं बाइक-स्कूटी से कार खरीदने वाले मिडिल क्लास भी तेजी से बढ़े हैं। इसका कारण बैंकों और निजी फाइनेंस कंपनियों द्वारा लोन में उदारता एक बड़ा कारण है। कारों की बिक्री में उछाल और दोपहिया वाहनों की बिक्री में कमी की एक वजह ये भी है।