सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, ललितपुर व आसपास के इलाकों में।
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाकों में।
मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज ने उत्तराखंड के आठ राज्यों में तेज बारिश के साथ ही बाढ़ की चेतावनी जारी की है। कहा गया है कि टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, देहरादून, नैनीताल, चंपावत, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गुरुवार सुबह पांच बजे तक बाढ़ की आशंका है। जिसके बाद उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संबंधित जिलों को चेतावनी भेजते हुए सचेत रहने के लिए कहा है। मौसम विज्ञान विभाग की ओर से देहरादून, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर एवं नैनीताल में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भारी वर्षा के साथ ही तेज दौर की हवाएं चलने के आसार हैं। इसके अलावा उत्तराखंड के अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान में भी मानसून सक्रिय हो गया है। बीते 24 घंटों में राज्य में भारी बारिश हुई है। सबसे अधिक 180 मिमी बारिश बारां जिले के मांगरोल में दर्ज की गई। कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। निचले इलाकों में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने 25 से 27 जून के दौरान बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर और उदयपुर में तेज हवाओं के साथ अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी है। 27 जून से पूर्वी राजस्थान में भी बारिश में वृद्धि होने की संभावना व्यक्त की है।
दिल्ली-एनसीआर में अभी भी लोगों को मानसूनी बारिश का इंतजार है। रोज आसमान में घनघोर बादल छा रहे हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही। जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उसम का सामना करना पड़ रहा है। आईएमडी ने एक दिन पहले ही दिल्ली-एनसीआर में मानसून के पहुंचने की संभावना जताई थी। साथ ही कहा था कि इसके प्रभाव से अगले तीन दिनों के दौरान पूरे क्षेत्र में मूसलाधार बारिश होने की उम्मीद है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश में बुधवार को गरज के साथ बारिश आंधी तूफान को लेकर मौसम विभाग ने पहले ही ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। आशंका अनुसार जमकर बादल बरसे। कुल्लू जिले में सैंज, गड़सा, मनाली और बंजार के अलग-अलग क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाएं सामने आईं। सैंज के रैला बिहाल में बादल फटने से तीन लोग बह गए हैं। धर्मशाला के खनियारा की मनूणी खड्ड में बादल फटने से आई बाढ़ में निर्माणाधीन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के 10 से अधिक मजदूर बह गए हैं। अभी तक दो लोगों के शव बरामद कर लिए हैं। एसडीआरएफ की टीमें मौके पर हैं और बचाव कार्य चल रहा है। सैंज घाटी में अलग-अलग क्षेत्रों में 150 से अधिक वाहनों के साथ 2,000 से अधिक पर्यटक फंस गए हैं। सिउंड के पास मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण उन्हें क्षेत्र से बाहर निकलने का रास्ता नहीं है। लाहौल में भी 25 पर्यटक फंसे हैं।