लखनऊ हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से बहराइच में दरगाह शरीफ के लगने वाले जेठ मेले पर रोक मामले में सोमवार को फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है।कोर्ट ने कहा मामले में विपक्षी पक्षकारों का जवाब मांगे जाने तक कोई अंतरिम राहत दिया जाना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने राज्य सरकार समेत अन्य पक्षकारों को मामले में जवाब दाखिल करने का समय देकर अगली सुनवाई 14 मई को नियत की है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश बहराइच की दरगाह शरीफ प्रबंध समिति की ओर से इसके चेयरमैन द्वारा दाखिल याचिका पर दिया। याचिका में बहराइच के डी एम के इसी 26 अप्रैल के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें सैयद सालार मसूद गाजी के दरगाह के पास हर साल लगने वाले जेठ मेले की इस बार अनुमति नहीं दी गई थी। याची ने इसे कानून की मंशा के खिलाफ कहकर डी एम को मेले की अनुमति देने का निर्देश देने का आग्रह किया। उधर, सरकारी वकील ने डी एम के आदेश को उचित कहकर याचिका का विरोध किया। कोर्ट ने अंतरिम राहत की अर्जी पर अगली सुनवाई पर गौर करने का आदेश देकर सरकार समेत पक्षकारों को याचिका में उठाए गए बिंदुओं पर जवाब पेश करने का समय दिया है।
800 सालों से होता रहा है मेला
सैयद सालार मसूद गाजी की मजार पर करीब 800 वर्षों से जेठ मिले का आयोजन होता है लेकिन इस वर्ष जिला प्रशासन में कानून व्यवस्था के नाम पर मेरा लगाने की अनुमति नहीं दी थी।इसी के विरोध में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। कुछ दिन पूर्व बहराइच आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सैयद सालार मसूद गाजी को बाहरी आक्रमणकारी बताया था इसके साथ ही यह भी कहा था कि किसी आक्रमणकारी का महिमा मंडन ठीक नहीं है इसी के बाद से यह अटकलें लगाई जा रही थी कि जेठ मेला आयोजन को अनुमति नहीं मिलेगी इसी के बाद जेठ मेला आयोजन के लिए दरगाह शरीफ प्रबंधन द्वारा दुकानों के8 नीलामी का पत्र जारी किया था लेकिन जिला प्रशासन की अनुमति न मिलने के कारण दुकानों का ठेका नहीं हो पाया था इसी के बाद प्रशासन ने मेला आयोजन की अनुमति नहीं दी।