डीएल बनवाने की प्रक्रिया।
सूत्र बताते हैं कि शिकायतें मिलती रहती हैं कि आरटीओ में बगैर टेस्ट लिए ही कई लोगों के डीएल बना दिए गए। राजधानी में बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए भी यह जरूरी है कि योग्य आवेदक को ही डीएल जारी हो। टेस्ट लेने वाली निजी एजेंसी के लिए भी वीडियोग्राफी करना अनिवार्य होगा। इनके कर्मचारी आवदेकों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी करेंगे। नई व्यवस्था से डीएल की टेस्टिंग में आरटीओ की दखलंदाजी काफी हद तक कम होगी।
स्थायी डीएल के लिए बायोमेट्रिक जांच, हस्ताक्षर, फोटो आदि के काम करवाने के लिए आवेदकों को ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ ही आना पड़ेगा, जबकि टेस्टिंग बंथरा के सेंटर में होगी। ऐसे में उनकी भाग-दौड़ बढ़ जाएगी। सूत्र बताते हैं कि आने वाले समय में आरटीओ में होने वाले सभी काम बंथरा स्थित ट्रेनिंग सेंटर में ही होंगे। परिवहन विभाग के अफसर भी यहीं बैठेंगे।
टेस्ट से पहले दिया जाएगा प्रशिक्षण
नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में टेस्ट से पहले आवेदकों को वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें यातायात नियमों से संबंधित वीडियो भी दिखाए जाएंगे, ताकि टेस्ट के दौरान उन्हें आसानी हो।