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यूपी: प्रदेश के पहले हृदय प्रत्यारोपण वाले मरीज को अस्पताल से मिली छुट्टी, 12 अप्रैल को दिल्ली से आया था दिल

Sat, 25 Apr 2026 08:55 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Heart Transplant in PGI: हृदय प्रत्यारोपण कराने वाली रचना लंबे समय से डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी के कारण गंभीर हार्ट फेल्योर से पीड़ित थीं। उनके लिए दिल्ली से ह्रदय आया था। 
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डिप्टी सीएम ने मरीज से की बात। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 प्रदेश के पहले सफल हृदय प्रत्यारोपण के बाद शनिवार को 43 वर्षीय मरीज सीतापुर निवासी रचना को संजय गांधी पीजीआई से छुट्टी दे दी गई। यह हृदय प्रत्यारोपण 12 अप्रैल को हुआ था। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को प्रत्यारोपण में शामिल टीम का सम्मान किया।

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उपमुख्यमंत्री ने हृदय प्रत्यारोपण को चिकित्सा इतिहास का सुनहरा अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश को उन्नत चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने वाला मील का पत्थर है। पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने बताया कि यह सफलता प्रदेश में बहु-अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम को नई गति देगी, जिसमें एक साथ कई अंग प्रत्यारोपित किए जा सकेंगे।

हृदय प्रत्यारोपण कराने वाली रचना लंबे समय से डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी के कारण गंभीर हार्ट फेल्योर से पीड़ित थीं। उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि प्रत्यारोपण ही अंतिम विकल्प था। डॉक्टरों ने बताया कि दिल्ली से हृदय लाने और उसे समय पर संस्थान तक पहुंचाने में सटीक समन्वय महत्वपूर्ण रहा।
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एयर एंबुलेंस मिलाकर 15 लाख रुपये आया खर्च, संस्थान ने किया वहन
सीवीटीएस विभागाध्यक्ष प्रो. एसके अग्रवाल के अनुसार, प्रत्यारोपण में करीब 15 लाख रुपये खर्च हुए, जिसमें लगभग नौ लाख रुपये एयर एंबुलेंस और छह लाख रुपये सर्जरी पर खर्च हुए।

पति बोले- सिर्फ चार हजार रुपये लेकर आया था
रचना के पति अजय अग्निहोत्री ने डॉक्टरों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने उनकी पत्नी को दूसरा जीवन दिया है। सीतापुर से वह महज चार हजार रुपये लेकर पीजीआई आए थे। दिल्ली से हृदय लाने के साथ ही प्रत्यारोपण का खर्च संस्थान ने वहन किया। पत्नी अब स्वस्थ है, लेकिन इम्युनिटी कम होने से बाहरी लोगों से उन्हें मिलने की मनाही है।

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अगला लक्ष्य फेफड़ा प्रत्यारोपण

डॉक्टरों की टीम के साथ महिला मरीज। - फोटो : अमर उजाला।
प्रो. आरके धीमन ने बताया कि पीजीआई अब फेफड़ा प्रत्यारोपण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जल्द ही संस्थान में फेफड़ा प्रत्यारोपण शुरू होगा। एक साथ दिल और फेफड़ा प्रत्यारोपित करने वाला पीजीआई प्रदेश का पहला संस्थान बनेगा।

इनका हुआ सम्मान-
सीवीटीएस सर्जन : प्रो. एसके अग्रवाल, प्रो. शांतनु पांडेय, मिलिंद होते, डॉ. विजय अग्रवाल, डॉ. अब्दुलमुंजिल मुंशी, डॉ. सिद्धार्थ वी सिंह सोम, डॉ. अरीब अहमद खान, डॉ. अवनींद्र एम त्रिपाठी, डॉ. सौरभ त्रिपाठी, डॉ. विवेक कृष्णा, डॉ. हर्ष बी वैद्य।

कार्डियोलॉजी : प्रो. आदित्य कपूर, प्रो. सत्येंद्र तिवारी, प्रो. रूपाली खन्ना, डॉ. अंकित साहू।
एनेस्थीसिया : प्रो. संजय धीराज, प्रो. पुनीत गोयल, डॉ. अमित रस्तोगी, डॉ. पल्लव सिंह, डॉ. नितिन त्रिवेदी, डॉ. आनंदिता कश्यप, डॉ. मलिका धवल, डॉ. श्रद्धा गंगेले, चंद्रेश कुमार कश्यप, अर्जुन कुमार, रुचि सिंह।
परफ्यूजनिस्ट : राज कुमार यादव, संदीप कुमार, कलावती पाल, अरविंद, श्वेता, प्रेमलता, नमन, कुलदीप, अलका मोहन, नीलम श्रीवास्तव, सुरेंद्र जादौन, दानवीर सिंह, रीमा त्रिपाठी, वर्षा सैनी, निहारिका वर्मा, हेमंत मंगल, तान्या, नीतू, अनामिका राजपूत, इतू, हिमांशी, कमलेश यादव।
नेफ्रोलॉजी : प्रो. नारायण प्रसाद, डॉ. रोमिला सैनी, अर्चना सिन्हा, नवीन विश्वकर्मा, कृति, मिलन के बागला।
अन्य स्टाफ : आरके शर्मा, प्रो. देवेंद्र गुप्ता (सीएमएस), प्रकाश सिंह (जेडीएमएम), शशि भूषण सिंह तोमर, आदर्श श्रीवास्तव (वित्त), डॉ. राजेश हर्षवर्धन (एमएस)।

 
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