आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आगामी दो उत्तरोत्तर पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 15 जनवरी से 3-4 दिनों के दौरान 3-5 डिग्री की वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जारी वर्तमान शीत लहर के दौर से निजात मिल सकती है और कोहरे के क्षेत्रफल व घनत्व में बढ़ोतरी के आसार हैं। हालांकि दिन चढ़ने के साथ कोहरा छंटने से दिन में मौसम खुशगवार रहेगा। उक्त पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से 18 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश हो सकती है जिसके अगले 2-3 दिनों के दौरान बढ़ने के आसार हैं।
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और आसपास।
मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच राजधानी का न्यूनतम तापमान मंगलवार को 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, इस सीजन में राजधानी में दर्ज यह सबसे कम न्यूनतम तापमान है। हालांकि, दिन में खिली धूप की वजह से लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं महसूस नहीं हुई। बुधवार को भी ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं। दो दिन बाद अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि लखनऊ में इस सीजन का यह सबसे न्यूनतम तापमान रहा, लेकिन इससे पहले के वर्षों में इससे भी कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि एक-दो दिन रात बेहद सर्द और दिन में खिली धूप देखने को मिल सकती है।
बृहस्पतिवार देर शाम या शुक्रवार से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होने लगेगी। यह क्रम 5-6 दिन तक जारी रहेगा। अतुल कुमार सिंह के अनुसार, 16 जनवरी से सुबह घने कोहरे के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 18 जनवरी को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन लखनऊ में इसका प्रभाव शायद ही पड़े। यदि लखनऊ तक पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव हुआ तो 20 जनवरी के बाद बूंदाबांदी या हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। मंगलवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 21.7 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.5 डिग्री कम रहा।