प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों के विलय के खिलाफ नई जनहित याचिका हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दाखिल हुई है। यह पीआईएल न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की खंडपीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। स्थानीय अधिवक्ता ज्योति राजपूत ने यह याचिका दाखिल की है, जिसमें राज्य सरकार के स्कूलों के विलय या दो स्कूलों को जोड़ने के बीते 16 जून के आदेश को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया है। साथ ही गांवों के दूरदराज इलाकों में रहने वाले गरीबों के बच्चों को स्कूल जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था करने की भी गुजारिश की गई है। याचिका में आरटीई अधिनियम के तहत राज्य सरकार को बच्चों के परिवहन के दिशानिर्देश तय करने के निर्देश देने का भी आग्रह किया गया है। याची ने स्कूलों के विलय को गरीब बच्चों के हितों के खिलाफ कहा है। राज्य सरकार के मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सात जुलाई को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने स्कूलों के विलय के खिलाफ सीतापुर के 51 बच्चों द्वारा दाखिल याचिका समेत एक अन्य याचिका को खारिज कर दिया था।