लक्कड़ शाह मजार को बीते दिनों ढहा दिया गया।
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लखनऊ हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बहराइच की लक्कड़ शाह मजार को ढहाने के आरोप के मामले में दाखिल अवमानना याचिका पर राज्य सरकार से जानकारी मांगी है। कोर्ट ने सरकारी वकील को निर्देश दिया कि अवमानना याचिका के आरोपों संबंधी पूरी जानकारी( निर्देश) सरकार से लेकर पेश करें। कोर्ट ने याचिका को 3 जुलाई को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है। मजार की दरगाह प्रबंधन समिति की अवमानना याचिका में राज्य सरकार द्वारा बीती 10 जून को मामले में कोर्ट को दिए आश्वासन के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
न्यायमूर्ति बृज राज सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश दरगाह सैयद मोहम्मद हाशिम शाह( लक्कड़ शाह मजार) की प्रबंधन समिति द्वारा दाखिल अवमानना याचिका पर दिया। याचिका में आरोप है कि बीती 10 जून को वक्फ नंबर 108, दरगाह प्रबंधन समिति की पहले दाखिल अन्य याचिका पर सुनवाई के समय खंडपीठ के समक्ष राज्य सरकार ने कहा था कि बहराइच के मूर्तिहा वन रेंज स्थित लक्कड़ शाह समेत तीन अन्य मजारों पर ढहाने की करवाई रोक दी गई है। सरकार की ओर से कोर्ट को आश्वासन दिया गया था कि चार हफ्तों तक ढहाने या उत्पीड़न की कोई कारवाई नहीं की जाएगी।
इसके बाद दाखिल इस अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार के इस आश्वासन के तीन दिन बाद ही 13 जून को पुलिस ने मजार की देखरेख करने वाले समेत अन्य लोगों को वहां से हटा दिया और ढहाने की करवाई जारी रही। आरोप है कि पूरा ढांचा ढहा दिया और अब वहां सिर्फ कब्रें ही बची हैं। कहा कि यह कारवाई, पहले दिए गए आश्वासन समेत कोर्ट के वहां पर यथास्थिति बहाल रखने के निर्देश का उल्लंघन है।