पहचान लिया तो दबा दिया था गला
शाम को नीलिमा बहन व बहनोई के साथ घूमने चली गई। रात 10 बजे वह लौटी और कुछ देर टीवी देखने के बाद सो गई। रात करीब 11 बजे जितेंद्र चुपके से अलमारी खोलने लगा। खटपट की आवाज सुनकर नीलिमा की आंख खुल गई। उन्होंने पुजारी जितेंद्र को पहचान लिया और विरोध किया। आरोपी ने उनकी गला दबाकर हत्या कर दी। फिर वहां से प्लास्टिक के बोरे में चोरी का सामान रखकर भाग गया।
अजीजनगर पुलिस चौकी तक पैदल गया आरोपी
घटना के बाद आरोपी जितेंद्र पैदल ही सीतापुर रोड स्थित अजीजनगर पुलिस चौकी तक करीब डेढ़ किमोमटर तक गया था। अजीज नगर चौकी से एक हॉफ डाले में बैठकर वह इटौंजा अपने घर पहुंच गया।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने इटौंजा तक 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले और आरोपी की पहचान की। एसीपी ने बताया कि वारदात के अगले दिन जितेंद्र सिटी मजिस्ट्रेट के घर काम पर आया था।
बढ़ाई जाएगी केस में धारा
एसीपी ने बताया कि इस मामले में अब 331(8) बीएनएस की धारा बढ़ाई जाएगी। इस धारा के तहत सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गुप्त गृह-अतिचार (घर में घुसकर) किसी व्यक्ति को जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना या उसकी मृत्यु का प्रयास करना है। इस अपराध में आजीवन कारावास या 10 साल तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है।