आदेश के मुताबिक शारीरिक व मानसिक दोष तथा दिव्यांग व्यक्ति एनरोलमेंट के पात्र नहीं होंगे। एनरोलमेंट के लिए आवश्यक होगा कि अभ्यर्थी उस जिले का मूल निवासी हो, जिसकी रिक्ति के सापेक्ष आवेदन किया गया है। सार्वजनिक, शासकीय, अर्द्धशासकीय अथवा सार्वजनिक उपक्रम की सेवाओं में नियमित रूप से कार्यरत व्यक्ति पात्र नहीं होंगे। संघ सरकार या राज्य सरकार द्वारा या किसी स्थानीय प्राधिकारी द्वारा या सरकार के स्वामित्वाधीन या नियंत्रणाधीन किसी निगम या निकाय द्वारा पदच्युत व्यक्ति भी पात्र नहीं होगा। किसी न्यायालय में आपराधिक मुकदमा विचाराधीन होने और एक से अधिक पति या पत्नी जीवित होने की दशा में भी एनरोलमेंट नहीं किया जा सकेगा।