क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यवाहक होने का सीधा असर विभागीय गतिविधियों पर पड़ रहा है। कार्यवाहक अधिकारी को डीडीओ की जिम्मेदारी संभालने की प्रक्रिया पूरी करने में दो से तीन माह लग जाते हैं। ऐसे में कर्मचारियों का वेतन निकालने से लेकर बजट खर्च होने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। जब तक वह पूरी व्यवस्था समझ पाता है तब तक उसका दूसरे जिले में तबादला हो आता है। पदोन्नति न होने से तमाम चिकित्साधिकारी जिस पद पर भर्ती हुए हैं. उसी पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जबकि क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी पद पर प्रोन्नति के बाद ही ये आगे अपर निदेशक और उप निदेशक पद के दावेदार बनते हैं।
सिर्फ इन जिलों में हैं नियमित अधिकारी
नियमित क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारों के रूप में यूनानी विभाग से शाहजहांपुर, सुल्तानपुर और आगरा में तैनाती है। आयुर्वेद विभाग की ओर से सहारनपुर, मिर्जापुर, कानपुर, हरदोई, गाजियाबाद, मुजफ्फनगर, जौनपुर, अलीगढ़, कौशांबी, बहराइच, आजमगढ़, देवरिया, बलिया, बाराबंकी, मुरादाबाद और हमीरपुर में नियमित क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी हैं। इसके अलावा 41 पदों पर कार्यवाहक से काम चलाया जा रहा है।
अपर निदेशक, उप निदेशक और क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी पद पर प्रोन्नति के लिए विभागीय चयन कमेटी के अध्यक्ष विभाग के प्रमुख सचिव हैं। इसके अलावा विभाग के विशेष सचिव, निदेशक आयुर्वेद, कार्मिक विभाग के सचिव द्वारा नामित अधिकारी और विशेष सचिव खाद्य रसद सदस्य हैं। प्रोन्नति कमेटी की लगातार बैठकें हो रही हैं। 14 अक्तूबर को भी बैठक हुई, लेकिन हर बैठक में कोई न कोई कमी निकाल कर प्रक्रिया रोक दी जा रही है। इससे चिकित्साधिकारियों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि जानबूझ कर प्रोन्नति लटकाई जा रही है। यह स्थिति तब है, जब मुख्य सचिव ने दो जुलाई 2025 को सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव को निर्देश दिया है कि 15 अगस्त तक प्रोन्नति प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
चल रही है प्रक्रिया: प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार का कहना है कि प्रोन्नति प्रक्रिया चल रही है। दस्तावेज की कमियां दूर की जा रही हैं। कमेटी के सभी सदस्यों की मौजूदगी जरूरी होती है। पिछले दिनों आयुर्वेद निदेशक की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी सेवानिवृत्त हो गए। अब महानिदेशक आयुष के पास इस पद का कार्यभार है। जल्द ही बैठक बुलाई जाएगी और प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।