शिक्षकों के लिए टीईटी हुई अनिवार्य।
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प्रदेश के मान्यता प्राप्त व अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक (स्नातक वेतनक्रम) भर्ती में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों की टीजीटी भर्ती की संशोधित अर्हता जारी कर दी है। साथ ही आयोग को इसके अनुसार आगे की विज्ञप्ति में शामिल करने को कहा है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. अशोक कुमार कन्नौजिया की ओर से जारी संशोधित अर्हता के अनुसार सहायक अध्यापक भर्ती में संबंधित विषय में मान्यता प्राप्त विवि व संस्थान से न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ स्नातक या 45 फीसदी अंकों के साथ पीजी होना होगा। एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में बीएड होना होगा। प्रदेश या केंद्र सरकार द्वारा उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ के लिए आयोजित) शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास किए हों।
इसी क्रम में शासन ने उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव को पत्र भेजकर कहा है कि सहायक अध्यापक (स्नातक वेतनक्रम) टीजीटी पद की अर्हता में टीईटी को पहली बार लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसलिए आगामी विज्ञप्ति में अभ्यर्थियों को यह छूट दी जाए कि अभ्यर्थी के पास 30 जून 2027 तक टीईटी पास करने का वैध प्रमाण पत्र हो।
विशेष सचिव ने कहा है कि चयन सूची में शामिल होने व चयनित घोषित करना नियुक्ति पाने का अधिकार नहीं देगा। नियुक्ति पत्र जारी किया जाना व अन्य निर्धारित अर्हता की पूर्ति व अभिलेखों के सत्यापन के अधीन होगा। इसी क्रम में शासन ने शिक्षा सेवा चयन आयोग से यह भी कहा है कि आगामी टीईटी का आयोजन जल्द फिर से कराने की प्रक्रिया करें।