फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: गोरखपुर-शामली हाईवे के लिए नवंबर-दिसंबर में होंगे टेंडर, डीपीआर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजी गई

Sat, 15 Aug 2026 07:29 AM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना के लिए डीपीआर मंजूरी को मुख्यालय भेजी गई है। करीब 700 किलोमीटर लंबी यह सड़क उत्तर प्रदेश के 19 जिलों और उत्तराखंड के एक जिले को जोड़ेगी। परियोजना पर लगभग 35 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। नवंबर-दिसंबर में टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
विज्ञापन
एक्सप्रेस वे। सांकेतिक चित्र - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना पर काम तेज हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने परियोजना के एक हिस्से की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) दिल्ली स्थित मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेज दी है। इसके लिए नवंबर-दिसंबर में टेंडर आमंत्रित किए जाने की संभावना है।

 

विज्ञापन
Trending Videos

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के पास रामपुर गांव में समाप्त होगा

करीब 700 किलोमीटर लंबा यह हाईवे राज्य के पूर्वांचल को पश्चिमी यूपी से जोड़ेगा। यह सड़क प्रदेश के कुल 19 जिलों से होकर गुजरेगी, जिससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि व्यापार, उद्योग और कृषि उत्पादों के परिवहन में भी ऐतिहासिक बदलाव आएगा। इसका पहला चरण शामली से शुरू होकर शाहजहांपुर में शाहजहांपुर-खुटार हाईवे (एनएच-731) पर पुवायां में समाप्त होगा। वहीं, दूसरा चरण गोरखपुर में गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के पास रामपुर गांव में समाप्त होगा।

यह हाईवे जिन जिलों से गुजरेगा, उसमें उत्तर प्रदेश के शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संत कबीरनगर, गोरखपुर और कुशीनगर और उत्तराखंड का हरिद्वार शामिल है। परियोजना के निर्माण पर 35000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस हाईवे के बनने से गोरखपुर से शामली और आगे दिल्ली व एनसीआर तक के सफर का समय काफी कम हो जाएगा।

 

विज्ञापन

समय से धरातल पर उतरने पर साबित होगी गेमचेंजर

प्राधिकरण से जुड़े सूत्रों के अनुसार नवंबर-दिसंबर तक टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की पूरी संभावना है। हाईवे पूरी तरह ग्रीनफील्ड होगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहित कर नई सड़क का निर्माण किया जाएगा। जानकारों के मुताबिक, यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले परियोजना धरातल पर उतरती दिखाई देती है, तो यह राजनीतिक रूप से भी गेमचेंजर साबित हो सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें