गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के पास रामपुर गांव में समाप्त होगा
करीब 700 किलोमीटर लंबा यह हाईवे राज्य के पूर्वांचल को पश्चिमी यूपी से जोड़ेगा। यह सड़क प्रदेश के कुल 19 जिलों से होकर गुजरेगी, जिससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि व्यापार, उद्योग और कृषि उत्पादों के परिवहन में भी ऐतिहासिक बदलाव आएगा। इसका पहला चरण शामली से शुरू होकर शाहजहांपुर में शाहजहांपुर-खुटार हाईवे (एनएच-731) पर पुवायां में समाप्त होगा। वहीं, दूसरा चरण गोरखपुर में गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के पास रामपुर गांव में समाप्त होगा।
यह हाईवे जिन जिलों से गुजरेगा, उसमें उत्तर प्रदेश के शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संत कबीरनगर, गोरखपुर और कुशीनगर और उत्तराखंड का हरिद्वार शामिल है। परियोजना के निर्माण पर 35000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस हाईवे के बनने से गोरखपुर से शामली और आगे दिल्ली व एनसीआर तक के सफर का समय काफी कम हो जाएगा।
समय से धरातल पर उतरने पर साबित होगी गेमचेंजर
प्राधिकरण से जुड़े सूत्रों के अनुसार नवंबर-दिसंबर तक टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की पूरी संभावना है। हाईवे पूरी तरह ग्रीनफील्ड होगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहित कर नई सड़क का निर्माण किया जाएगा। जानकारों के मुताबिक, यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले परियोजना धरातल पर उतरती दिखाई देती है, तो यह राजनीतिक रूप से भी गेमचेंजर साबित हो सकती है।