Fertilizer crisis in UP: यूपी में खाद न मिलने की शिकायतों के बीच कृषि विभाग की टीमें जिलों में उतरेंगी। दूसरी तरफ सरकार का दावा है कि अभी 25 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक उपलब्ध है।
प्रदेश में अभी करीब 25 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। निगरानी के लिए अब कृषि विभाग एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त सीटें निगरानी के लिए उतर गई हैं। ये टीमें वितरण में आ रही समस्या का निस्तारण करेंगी। साथ ही भविष्य की रणनीति भी तैयार करेंगी।
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प्रदेश में रबी 2025-26 सीजनमें करीब 35.68 लाख मीट्रिक टन खाद आ चुका है, जिसमें 9.77 लाख मीट्रिक टन का वितरण किया गया, जबकि 25.91 लाख मीट्रिक टन मौजूद है। इसमें करीब 5.27 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.80 लाख मीट्रिक टन डीएपी तथा 1.13 लाख मीट्रिक टन एनपीके सहकारी समितियों पर मौजूद है। अन्य निजी थोक व फुटकर दुकानदारों के यहां उपलब्ध है। इसके बाद भी कई स्थानों पर किल्लत की शिकायतें आ रही हैं। समितियों पर किसानों की लंबी लाइनें लग रही हैं।
इन शिकायतों के निस्तारण के लिए सहकारिता विभाग और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें भी लगाई गई हैं। ये टीमों समितियों पर खाद वितरण में आने वाली समस्याओँ का निस्तारण करेंगी। मौके पर पहुंच कर किसानों से अपील कर रही हैं कि जितनी जरूरत है, उतनी ही खाद खरीदें। अधिक खाद खरीदकर स्टाक करने का मतलब है कि दूसरे किसान के लिए समस्या खड़ी करनी।
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कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि दोनों विभाग की टीमें मौके पर जाकर समस्याओं का निस्तारण कर रही हैं। सभी जिलों में पर्याप्त स्टाक मौजूद है। जहां भी खाद किल्लत की शिकायत आ रही है, उसे तत्काल चेक किया जा रहा है। यदि किसी समिति पर खाद कम है तो आसपास के जिलों अथवा समिति से भेजवाया जा रहा है।