टीईटी आंदोलन को गति देने के लिए कई शिक्षक संगठनों ने राजधानी में बैठक कर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ का गठन किया। साथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को पाती लिखने से लेकर मशाल जुलूस निकालने की घोषणा की।
बैठक में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील पांडेय ने इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक लड़ने की बात कही। अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा यह लड़ाई शिक्षकों के अस्तित्व की लडाई है। इसे हम हर मोर्चे पर लड़ेंगे।
बैठक में विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी व प्रदेश महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि शिक्षकों ने नियुक्ति के समय सभी योग्यताओं को पूरा करके नौकरी पाई है। ऐसे में अचानक से यह कहना हम टेट के बगैर पात्र नही है, पूर्णतया गलत है।
बैठक में प्रथम चरण में 9 से 15 मार्च तक शिक्षकों की पाती के नाम से ईमेल और पोस्टकार्ड अभियान चलाया जाएगा। इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष को पत्र व मेल भेजेंगे। दूसरे चरण में जिलों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। यदि सरकार फिर भी ना मानी तो 3 मई को लखनऊ घेराव और मानसून सत्र में हम सब मिलकर संसद भवन का घेराव करेंगे।
बैठक में टीएससीटी के संस्थापक अध्यक्ष विवेकानंद, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय मणि त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश बीटीसी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अपूर्व दीक्षित, अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश पांडेय, यूटा के प्रदेश महामंत्री डा. हेमंत सिंह, एससीएसटी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कुमार विद्रोही, माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा आदि उपस्थित थे।