शिक्षकों के कैशलेस चिकित्सा कार्ड बनाने की प्रक्रिया ई-केवाईसी और डाटा सत्यापन में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण प्रभावित हो रही है। बड़ी संख्या में आवेदन विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। विभाग ने सभी पात्र शिक्षकों का शीघ्र पंजीकरण और स्वास्थ्य कार्ड जारी करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में बेसिक व माध्यमिक के शिक्षकों के लिए सीएम शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का उद्घाटन कर दिया गया है। लगभग 150 शिक्षकों ने इसका लाभ भी ले लिया। किंतु अभी भी काफी संख्या में शिक्षकों के कैशलेस चिकित्सा कार्ड नहीं बन पाए हैं। शिक्षकों के अनुसार ई-केवाईसी करने में दिक्कत आ रही है। वहीं बीईओ भी कुछ जगह पर शिक्षकों का डाटा फारवर्ड नहीं कर रहे हैं।
शिक्षकों के स्तर पर 38 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। 18 हजार से अधिक के आवेदन बीएसए व बीईओ ने सुधार के लिए वापस किए हैं। शिक्षकों ने बताया कि ई-केवाईसी करने में दिक्कत आ रही है। कुशीनगर, हरदोई, सीतापुर, फतेहपुर आदि जिलों में ई-केवाईसी न होने से डाटा नॉट फाउंड लिखकर आ रहा है। जब वे ई-केवाईसी करते हैं तो परिवार के सदस्यों से जुड़ी जानकारी पूरी नहीं आ रही है।
इसमें रसोइयों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों की सेवानिवृत्ति आयु को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। जिनका पहले से आयुष्मान कार्ड बना है। सीएमओ कार्यालय से उनके कार्ड भी डिसेबल नहीं किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ विभाग का कहना है कि यह दिक्कत साइट की है। इसमें सुधार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार कई विकास खंड में बीईओ के चार्ज को लेकर भी दिक्कत है।