जय जवान, जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह कहते हैं कि इफको टोकियो ही महोबा में करोड़ों का घपला करने वाली कंपनी है। यही कंपनी झांसी में है। वहां भी बीमा घपला सामने आया है। यह कंपनी 20 जिले में काम कर रही है। हर जगह से शिकायतें मिल रही हैं। लिहाजा, सीबीआई को प्रदेशभर में घपले की जांच का जिम्मा सौंपा जाना चाहिए।
एक खतौनी पर नौ-नौ बीमा कराकर हड़प ली रकम
कुदरती कहर से तबाह हुई फसल से किसानों को राहत दिलाने के नाम पर शुरू हुई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना फाजीवाड़े का शिकार हो गई। फसल बीमा की राशि हड़पने के लिए कहीं महोबा की खतौनी का इस्तेमाल किया गया, तो कहीं एक खतौनी पर नौ-नौ बीमा करा डाले गए। तालाब और सरकारी जमीन की आराजी नंबर पर भी बीमा क्लेम ले लिया गया। झांसी में ऐसे 6000 से अधिक संदिग्ध खाते मिले हैं। इनमें कई खातों में बीमा की रकम भी भेजी जा चुकी।
फर्जीवाड़ा सामने आने पर इन खातों को फ्रीज कराकर जांच कराई जा रही है। इस पूरे मामले ने कृषि विभाग में खलबली मचा दी है। खरीफ सीजन में अरहर, उड़द, मूंग एवं मूंगफली फसल को काफी नुकसान पहुंचा। बीमा कंपनी ने करीच 150 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया। फर्जीवाड़े के लिए पहले से ही सेंध लगाई जाने लगी। इसके लिए जनसुविधा केंद्र (सीएचसी) से करीब 20 हजार बीमा क्लेम भरे गए।
बुंदेलखंड में बीमा में करोड़ों के घपले की खबर प्रकाशित होने के बाद कृषि विभाग के लेकर जिला प्रशासन तक हरकत में आ गया है। अब सभी जिलों में रबी सीजन में हुए बीमा का सत्यापन कराया जाएगा। जहां भी गड़बड़ी है, उन खातों को अलग कर लिया जाएगा। ताकि माहरोबा और झांसी की तरह नए सत्र में गड़बड़ी न होने पाए। कृषि विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर रबी सीजन में अब तक हुए बीमा का नए सिरे से सत्यापन कराने के लिए कहा है। सत्यापन देने के बाद ही क्लेम जारी किया जाएगा।
कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रविंद्र कुमार ने बताया कि जहां से भी शिकायतें आई है, संबंधित जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी तय है। उधर, झांसी के जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने बताया कि कमेटी गठित की जा रही है। महोबा की तरह ही यहां ही खरीफ और रबी सीजन में हुए बीमें की जांच कराई जाएगी। इसी तरह महोबा में करीब दर्जनभर लोगों के नाम भी एफआईआर में शामिल कर लिए गए हैं।