Suspected terrorist Adnan: कक्षा 10 तक मदरसे से शिक्षा ग्रहण करने वाले अदनान के पास तमाम लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम कार्ड और जिहादी साहित्य बरामद किया गया है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की गिरफ्त में आए भोपाल निवासी अदनान खां और एटा निवासी अदनान खां से एटीएस की पूछताछ में कई अहम खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि दोनों कुख्यात आतंकी संगठन आईएस के इशारे पर यूपी के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की फिराक में थे। आईजी कानून-व्यवस्था एलआर कुमार ने बताया कि एटीएस की टीम दोनों से उनके बाकी साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
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दरअसल, दिल्ली पुलिस बीते कई दिनों से भोपाल निवासी अदनान की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। उसे यूपी एटीएस ने बीते वर्ष वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर का सर्वे करने वाले जज रवि कुमार दिवाकर को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया था, हालांकि वह पांच माह बाद जेल से छूट गया।
इसके बाद उसने सीरिया में बैठे आईएस के खलीफा अबू इब्राहिम अल कुरैशी के इशारे पर सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने लगा और मुसलमानों पर अत्याचार होने का दुष्प्रचार कर जिहादी गतिविधियों के लिए युवाओं को भर्ती करने लगा। उसने इंस्टाग्राम पर फेक आईडी से एक पेज भी बनाया था और आतंकी संगठनों के पेजों सात-उल-उम्माद, वॉयस ऑफ इंडिया आदि को फॉलो करता था। सीरिया में बैठे उसके हैंडलर ने उसे आईएस और आतंकवाद से जुड़े तमाम वीडियो, फोटो, पीडीएफ उपलब्ध कराए थे, जिसे वह अपने संपर्क में आने वालों को भेजता था।
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कक्षा 10 तक मदरसे से शिक्षा ग्रहण करने वाले अदनान के पास तमाम लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम कार्ड और जिहादी साहित्य बरामद किया गया है। वहीं एटा निवासी अदनान भी इंटरनेट पर आईएस से जुड़ी गतिविधियों से प्रेरित था। अदनान के संपर्क में आने के बाद वह भी सोशल मीडिया पर जिहादी गतिविधियों का प्रचार-प्रसार करने लगा था।
दोनों ही सोशल मीडिया के जरिए आईएस के कमांडरों के संपर्क में रहते थे। दिल्ली से गिरफ्तार एटा निवासी अदनान के पिता सलीम खान दूरदर्शन में ड्राइवर के पद पर कार्यरत है। वर्ष 2023 में दिल्ली स्थानांतरण होने पर वह परिवार सहित चले गये थे और सादिक नगर के सरकारी आवास में रहने लगे थे। दिल्ली में अदनान ने डाटा इंफॉर्मेशन की पढ़ाई भी की थी।