माध्यमिक विद्यालयों में समर कैंप की अनिवार्यता खत्म।
- फोटो : अमर उजाला।
प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) व स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में समर कैंप के आयोजन की अनिर्वायता नहीं होगी। यह विद्यालय अपनी स्वेच्छा (ऐच्छिक रूप) से समर कैंप का आयोजन करेंगे। इतना ही नहीं कैंप का आयोजन विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों की सहमति से ही किया जाएगा। जबकि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कैंप का आयोजन पूर्व की भांति 21 मई से किया जाएगा।
शिक्षक संगठनों के विरोध में आने पर विभाग ने अपना पूर्व में जारी आदेश संशोधित कर दिया है। समग्र शिक्षा के अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णुकांत पांडेय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी निर्देश में कहा गया है कि एडेड व सेल्फ फाइनेंस विद्यालय अपने भौतिक व वित्तीय संसाधनों को देखते हुए ऐच्छिक रूप से समर कैंप के आयोजन का निर्णय लेंगे। इसकी सूचना डीआईओएस को भी देंगे। समर कैंप का आयोजन विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों की सहमति से होगा।
जबकि इससे पहले उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) के संरक्षक व विधान परिषद सदस्य राज बहादुर सिंह चंदेल ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को पत्र लिखकर समर कैंप को स्थगित करने की मांग किया है। उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी में समर कैंप अप्रासंगिक है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने समर कैंप के आयोजन को असंवैधानिक बताते हुए इसके बहिष्कार की घोषणा की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह पटेल ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा से भीषण गर्मी को देखते हुए इसे स्थगित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि गर्मी को देखते हुए ही स्कूलों में छुट्टी का प्रावधान किया गया है। संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष ओम प्रकाश त्रिपाठी ने समर कैंप के आयोजन को तत्काल स्थगित करके आगे कार्य दिवसों में ऐसे आयोजन कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि समर कैंप का आदेश जब तक स्थगित नहीं होता है, तब तक शिक्षक इसका क़ाली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताएंगे। वहीं माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार त्रिपाठी व महामंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा ने भी महानिदेशक स्कूल शिक्षा को पत्र लिखकर प्रदेश के अधिकतर जिलों में 40 डिग्री से अधिक तापमान है। बुंदेलखंड में लू चल रही है। विद्यालयों में न तो कूलर हैं न ही पर्याप्त पंखे ही। ऐसे में समर कैंप का आयोजन बच्चों के स्वास्थ्य के हित में नहीं है। एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर समर कैंप का आदेश वापस लेने की मांग की है।