कानपुर-लखनऊ हाईवे पर कम रही वाहनों की संख्या।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। साथ ही बारिश में एक्सप्रेसवे को शुरू करना भी भारी पड़ गया है। अगर एक्सप्रेसवे बारिश के बाद खुलता तो सड़क धंसने के मामले कम रहते। नमी के चलते ही सड़क की घटिया निर्माण सामग्री धंस रही है। हालांकि संबंधित अफसर इस पर टिप्पणी से बच रहे हैं।
रिकाॅर्ड पर फोकस, गुणवत्ता पर नहीं दिया ध्यान
सूत्र बताते हैं कि लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे के जरिए रिकाॅर्ड बनाने पर ही एनएचएआई का पूरा फोकस रहा। मसलन, सबसे लंबा एलिवेटेड सेक्शन वाला एक्सप्रेसवे, प्रतिकिमी लागत के लिहाज से एवं सबसे महंगे टोल वाला एक्सप्रेसवे बनाया गया। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। जांच रिपोर्ट हफ्तेभर में तैयार हो जाएगी। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की अनदेखी में एनएचएआई अफसरों पर गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है।
कहीं हड़बड़ी में तो काम पूरा नहीं कर रही पीएनसी
कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव में सड़क मरम्मत का कार्य पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड ने गत दिवस काम पूरा कर लिया है। वहीं शनिवार को एक अन्य जगह पर सड़क मरम्मत शुरू की गई है, जिसकी वजह से डायवर्जन किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि पीएनसी मरम्मत कार्याें को हड़बड़ी में पूरा कर रही है। चूंकि निर्माण पर होने वाला खर्च पीएनसी को ही करना है, इसलिए टीम बचत की जुगत में लगी है।
रिपेरिंग का काम लगातार जारी है।