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यूपी: एक नहीं कई जगहों पर प्रयोग की गई है खराब सामग्री, IIT खड़गपुर टीम की जांच में सामने आईं ये बातें

Sat, 08 Aug 2026 09:07 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Lucknow Kanpur Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे विवादों में बना हुआ है। इस मामले की जांच आईआईटी खड़गपुर की टीम कर रही है। बारिश में इसे खोलने का फैसला उलटा पड़ गया है। 
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लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस के घटिया निर्माण की जांच आईआईटी खड़गपुर की टीम कर रही है। जांच के दूसरे दिन टीम ने आठ जगहों से सैंपल कलेक्ट किए। सूत्र बताते हैं कि प्रथमदृष्टया जांच में निर्माण सामग्री की मिलावट के अनुपात में गड़बड़ी पाई गई है। हफ्तेभर में जांच रिपोर्ट तैयार हो जाएगी, जिसके बाद जिम्मेदारों पर गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है।

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नेशनल हाइवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया एनएचएआई का लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे इन दिनों सरकार के लिए किरकिरी का विषय बना हुआ है। करीब एक महीने में एक्सप्रेसवे कई जगहों पर धंस चुका है। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में बढ़ती किरकिरी के बीच एनएचएआई के पूर्व परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को पद से हटा दिया गया। वहीं उनकी जगह बरेली के परियोजना निदेशक नवरतन को जिम्मेदारी साैंपी गई। एक्सप्रेसवे की तकनीकी जांच आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी के नेतृत्व में बनी विशेषज्ञों की टीम कर रही है।

 बीते शुक्रवार के टीम एक्सप्रेसवे पहुंची थी। सूत्र बताते हैं कि शनिवार को भी टीम एक्सप्रेसवे गई, जहां उन्होंने आठ जगहों से सैंपल कलेक्ट किए। प्रथमदृष्टया निर्माण सामग्री की गुणवत्ता कठघरे में खड़ी दिखाई देती है। आशंका है कि निर्माण सामग्री को जिस अनुपात में मिलाया जाना चाहिए था, पीएनसी इंफ्राटेक ने ऐसा नहीं किया, जिसकी वजह से सड़क धंस रही है। साथ ही ड्रेनेज सिस्टम की गड़बड़ी भी सामने आ रही है। हालांकि अफसर अभी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। अधिकारियों का इतना कहना है कि हफ्तेभर में रिपोर्ट तैयार हो जाएगी, जिसके बाद ही ठोस रूप से कुछ कहा जा सकता है।

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बारिश में एक्सप्रेसवे खोलना पड़ा भारी

कानपुर-लखनऊ हाईवे पर कम रही वाहनों की संख्या।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। साथ ही बारिश में एक्सप्रेसवे को शुरू करना भी भारी पड़ गया है। अगर एक्सप्रेसवे बारिश के बाद खुलता तो सड़क धंसने के मामले कम रहते। नमी के चलते ही सड़क की घटिया निर्माण सामग्री धंस रही है। हालांकि संबंधित अफसर इस पर टिप्पणी से बच रहे हैं।

रिकाॅर्ड पर फोकस, गुणवत्ता पर नहीं दिया ध्यान
सूत्र बताते हैं कि लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे के जरिए रिकाॅर्ड बनाने पर ही एनएचएआई का पूरा फोकस रहा। मसलन, सबसे लंबा एलिवेटेड सेक्शन वाला एक्सप्रेसवे, प्रतिकिमी लागत के लिहाज से एवं सबसे महंगे टोल वाला एक्सप्रेसवे बनाया गया। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। जांच रिपोर्ट हफ्तेभर में तैयार हो जाएगी। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की अनदेखी में एनएचएआई अफसरों पर गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है।

कहीं हड़बड़ी में तो काम पूरा नहीं कर रही पीएनसी
कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव में सड़क मरम्मत का कार्य पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड ने गत दिवस काम पूरा कर लिया है। वहीं शनिवार को एक अन्य जगह पर सड़क मरम्मत शुरू की गई है, जिसकी वजह से डायवर्जन किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि पीएनसी मरम्मत कार्याें को हड़बड़ी में पूरा कर रही है। चूंकि निर्माण पर होने वाला खर्च पीएनसी को ही करना है, इसलिए टीम बचत की जुगत में लगी है।
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यहां-यहां धंसी और दब चुकी सड़क

रिपेरिंग का काम लगातार जारी है।
  • 5 अगस्त- किमी संख्या 63.9, 64.1 और 64.3 बेहटा गांव के पास सड़क धंसी।
  • 4 अगस्त-लखनऊ जाने वाली लेन में किमी संख्या 37.3 के पास पानी के बहाव से बड़ा गड्ढा हो गया।
  • 4 अगस्त-किमीटर संख्या 32.5 महनौरा गांव के सामने भी मिट्टी और नाली कटने से सड़क को भी नुकसान पहुंचा।
  • 4-अगस्त- बेगमखेड़ा गांव के सामने किमीटर संख्या 30.6 पर 29 जुलाई को धंसी सड़क की मरम्मत के बाद पैचवर्क उखड़ा।
  • 4 अगस्त-हसनापुर गांव के पास किमीसंख्या 29.6 के बीच सड़क दबने से नाली बन गईं।
  • 4 अगस्त-बनी टोल से 500 मीटर पहले किमी संख्या 29.2 पर 200 मीटर दायरे में सड़क उखड़ने की शुरुआत।
  • 4 अगस्त-लखनऊ से कानपुर की लेन पर किमी संख्या 45.8 रायपुर के पास और 33.9 सहरावां के पास मिट्टी कटने से सड़क को नुकसान।
  • 3 अगस्त (रविवार रात) बेहटा गांव के पास किमी संख्या 65 से 65.2 तक 200 मीटर सड़क की तीनों लेन में धंस गईं। मरम्मत चल रही है
  • 3 अगस्त (रविवार रात) किमी संख्या 37.7 पर असोहा के कांथा गांव के पास भी कानपुर से लखनऊ की लेन में सड़क दस मीटर धंस गई है। मरम्मत का काम चल रहा है।
  • 2 अगस्त को सदर तहसील के जगेथा गांव के पास किमी संख्या 48.9 से 48.5 के बीच चार सौ मीटर सड़क कई जगह दबी। मरम्मत अभी नहीं हुई है
  • 2 अगस्त को असोहा ब्लाक के बछौरा गांव के अंडरपास के निकट किमी संख्या 38.5 पर आठ मीटर सड़क टूटी, मरम्मत हुई।
  • 1 अगस्त तूरी गांव के सामने किलोमीटर संख्या 46.5 से 46.6 के बीच भी सड़क दबने से नाली बन गईं। मरम्मत नहीं हुई है
  • 25 जुलाई को कोरारी गांव के सामने किमी संख्या 64.4 पर दस मीटर सड़क घंस गई थी, मरम्मत करने में तीन दिन लगे। पांच किमी में ट्रैफिक डायवर्जन रह था।
  • 30 जुलाई को सहरावां गांव के पास किलोमीटर संख्या 30.8 पर सात मीटर सड़क घंसी, मरम्मत कराई गई।
  • 29 जुलाई को असोहा ब्लॉक के बेगमखेड़ा गांव के सामने किमी संख्या 30.9 के पास 10 मीटर सड़क धंसी। मरम्मत में दो दिन लगे।
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