यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना
- फोटो : amar ujala
यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मंगलवार को कहा कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट, अभद्र फोटो और वीडियो अपलोड होने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। इससे हम सभी प्रभावित भी होते हैं। लिहाजा प्रदेश सरकार इस पर अंकुश लगाने के लिए कोई सख्त कानून लेकर आए, जिसमें सख्त सजा का प्रावधान हो। इससे ऐसी हरकतें करने वालों को संदेश भी जाएगा।
सदन में सपा सदस्य डॉ. ह्दय नारायण सिंह पटेल ने इसमें लिप्त लोगों को चिह्नित कर सरकार द्वारा दंडात्मक कार्रवाई करने की नीति बनाने के बाबत सवाल पूछा था, जिसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करती है। एक करोड़ रुपये जुर्माना और सात साल की सजा का प्रावधान भी है।
ये भी पढ़ें - यूपी: 25 दिसंबर को पीएम मोदी आएंगे लखनऊ, अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग; बंद रहेंगे उस क्षेत्र के 126 स्कूल
ये भी पढ़ें - कोहरे से ढका पूरा प्रदेश, लगातार गिर रहा पारा...गलन से आमजन बेहाल, भीषण ठंड से बाहर निकलना मुश्किल
ऐसे प्रकरण सामने आने पर एसपी की रिपोर्ट पर डीआईजी साइबर क्राइम द्वारा कार्रवाई की जाती है। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला होने पर गृह विभाग के विशेष सचिव द्वारा संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाती है। सभी जिलों में सरकार ने साइबर क्राइम थाने भी बनाए हैं। अब तक 84 हजार पुलिसकर्मियों को साइबर क्राइम प्रशिक्षण पोर्टल के जरिये प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस बाबत सरकार को सख्त कानून बनाने पर विचार करना चाहिए।
शोहरतगढ़ के विधायक ने उठाया नेपाली नागरिक की शिकायत का मामला
विधानसभा में शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर) से अपना दल (सोनेलाल) पार्टी के विधायक विनय वर्मा ने कथित नेपाली नागरिक की शिकायत पर उनके विधायक निधि के कार्यों की जांच कराने का मुद्दा उठाया। अचानक अपनी कुर्सी से उठकर उनके द्वारा विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत करने से सत्ता पक्ष के सदस्य भी हतप्रभ रह गए। सपा सदस्य भी विधायक की बात सुनने की मांग करने लगे। मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह विधायक को संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना के पास लाए, हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री अपने कक्ष में शिकायत सुन लें।