लखनऊ में एसटीएफ ने अवैध असलहा तस्करी गिरोह के कथित सदस्य दुर्गेश पांडेय उर्फ विशु को गिरफ्तार किया है। विभूतिखंड में वेव मॉल के पास हुई कार्रवाई में तीन अवैध पिस्टल बरामद हुईं। आरोपी के मुताबिक, गिरोह मध्य प्रदेश और बिहार से हथियार खरीदकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में महंगे दामों पर बेचता था।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्करी गिरोह के एक कथित सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान प्रतापगढ़ निवासी दुर्गेश पांडेय उर्फ विशु के रूप में हुई है। एसटीएफ ने उसके कब्जे से .32 बोर की तीन अवैध पिस्टल और एक बैग बरामद किया है। गिरफ्तारी रविवार रात विभूतिखंड क्षेत्र में वेव मॉल के पास सहारा बाजार के पीछे बेडनन का पुरवा में की गई।
विज्ञापन
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी को 18 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:25 बजे गिरफ्तार किया गया। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में अवैध असलहों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सक्रिय होने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी आधार पर एसटीएफ की टीमों को सूचना जुटाने और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
30 से 40 हजार में खरीदकर एक लाख तक में बेचते थे पिस्टल
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध असलहों की तस्करी करता है। उसके मुताबिक, गिरोह के सदस्य मध्य प्रदेश और बिहार से पिस्टल खरीदकर लखनऊ, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर समेत अन्य जिलों में बेच चुके हैं।
एसटीएफ के अनुसार, गिरोह के सदस्य 30 से 40 हजार रुपये में पिस्टल खरीदते थे और उन्हें 80 हजार से एक लाख रुपये तक में बेच देते थे। पूछताछ में आरोपी ने गिरोह में अन्य लोगों के शामिल होने की बात भी बताई है। एसटीएफ अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
एसटीएफ टीम ने सूचना के आधार पर की कार्रवाई
एसटीएफ के मुताबिक, पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही के पर्यवेक्षण में निरीक्षक राघवेंद्र सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम लखनऊ में सूचना संकलन कर रही थी। इसी दौरान टीम को एक व्यक्ति के अवैध असलहा बेचने के लिए लखनऊ आने की जानकारी मिली। इसके बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी दुर्गेश पांडेय उर्फ विशु प्रतापगढ़ जिले के तग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के दुर्गाराम का पुरवा, कोटा भवानीगंज का निवासी है। एसटीएफ ने उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।