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पशुपालन घोटाले में कथित पत्रकार गिरफ्तार, एसटीएफ ने लखनऊ से दबोचा

Sat, 19 Sep 2020 03:30 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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संतोष मिश्र - फोटो : amar ujala
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पशुपालन विभाग में फर्जी टेंडर के माध्यम से धोखाधड़ी कर नौ करोड़ 72 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य और कथित पत्रकार संतोष मिश्रा को एसटीएफ ने शनिवार को यहां इंदिरा नहर के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसे हजरतगंज कोतवाली में बंद किया गया है। एसटीएफ इस मामले में नौ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
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संतोष मिश्रा टेंडर दिलाने के नाम पर वसूली गई करोड़ों की रकम को लेकर बिगड़ रहे मामले को मैनेज कराने की कोशिश कर रहा था। इसके लिए उसने लाखों की रकम ली थी। एसटीएफ के अफसरों के मुताबिक संतोष की पिछले कई दिनों से तलाश थी। उसके बारे में पता चला था कि वह शनिवार को लखनऊ से बाहर जाने वाला है। इस सूचना पर उसे इंदिरा नहर के पास से दबोच लिया गया।  

संतोष मिश्रा से जब एसटीएफ ने पूछताछ की तो उसने दावा किया कि वह पत्रकार है और वर्ष 2012 में वह सचिवालय रिपोर्टिंग के लिए आता-जाता था। उसी दौरान प्रयागराज निवासी चंद्रशेखर पांडेय से जान-पहचान हो गई, जिसके माध्यम से आशीष राय से मिला और उसके साथ घनिष्ठता हो गई।
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बकौल संतोष, आशीष ने मुझे बताया था कि वह एआर इंटरटेनमेंट कंपनी चलाता है। वह महंगी लग्जरी गाड़ियों में गनर लेकर चलता था जिससे मैं उसके प्रभाव में आ गया। राय ने मुझसे कहा कि उसके छोटे-मोटे काम पुलिस व प्रशासन से पड़ते रहते हैं, जिसे मैं मैनेज कर दिया करूं। राय ने मेरी बहन की शादी में तीन लाख रुपये नकद दिए थे। इसके बाद 2017 में आशीष राय ने मुझे न्यूज वर्ल्ड इंडिया के एडिटर अनिल राय से मिलवाया था। उनसे सिफारिश कर मैं न्यूज वर्ल्ड इंडिया का यूपी हेड बन गया था। वहां मैंने एक साल तक काम किया।  

फर्जी दस्तावेजों पर ठेके दिलाने का होता था काम
संतोष ने बताया, आशीष राय के सचिवालय के कई लोगों से काफी प्रगाढ़ संबंध थे। वह वहीं से फर्जी कागजात तैयार कर ठेका दिलाने आदि के लिए पैसे लिया करता था। कोई मामला फंसने पर मुझे फोन करता था तो मैं उसे मैनेज कर लेता था। वर्ष 2018 में राय ने मंजीत भाटिया नाम के आदमी से धोखाधड़ी करके ठेका दिलाने के नाम पर 9 करोड़ 72 लाख रुपये ले लिया था। यह मामला मैनेज नहीं हो पा रहा था, तब राय ने मुझसे कहा था कि किसी तरह मैनेज कराओ। इसके लिए आशीष ने मुझे नकद करीब 10-12 लाख रुपये अपने सहयोगी चंदन राय व अपने साले नरेश चतुर्वेदी के माध्यम से दिए थे।

अलास्का कंपनी के फर्जीवाड़े को मैनेज करने को लिए थे एक करोड़ 15 लाख   
संतोष मिश्रा ने यह भी बताया कि इसी तरह धोखाधड़ी का काम करने वाले गोसाईंगंज निवासी हरिओम यादव की ‘अलास्का रियल स्टेट डवलपर्स’ कंपनी गोसाईंगंज, लखनऊ में है। उसने सैकड़ों लोगों से जमीन में पैसा लगाने व 5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज देने की बात कहकर करीब 29 करोड़ रुपये धोखाधड़ी करके हड़प लिया है। इसको मैनेज करने के लिए हरिओम ने मुझे एक करोड़ 15 लाख रुपये दिए थे। इसमें से 85 लाख रुपये आईसीआईसीआई बैंक की अलीगंज कपूरथला शाखा स्थित मेरे खाते में जमा कराया था और बचा पैसा कई बार में नकद दिया था। एसटीएफ ने बताया कि शनिवार को हरिओम को भी गिरफ्तार कर लिया गया। 
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