डिप्टी सीएम ने स्वाइन फ्लू को लेकर सभी अस्पतालों को अलर्ट किया है। जांच व दवाओं के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी अभी तक अस्पतालों में सैंपल कलेक्शन व वार्ड तक नहीं बना है। अफसर आदेश आने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज को सामान्य वायरल मानकर डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। कई स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा तक नहीं है। इसे लेकर बुधवार को कई अस्पतालों की जांच की गई तो किसी भी केंद्र पर नमूना संग्रह नहीं किया जाता मिला। कई केंद्रों पर दवा तक नहीं मिली।
दोपहर 12 बजे
स्थान-सिविल अस्पताल
अस्पताल में आने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए अभी तक कोई ठोस इंतजाम नहीं मिले। अस्पताल में सैंपल कलेक्शन के लिए काउंटर तक नहीं बना है। पैथोलॉजी विभाग के कमरा नंबर 5 में पहुंचकर लैबकर्मी से जांच कराने का अनुरोध किया। लैबकर्मी ने पैथोलॉजिस्ट कमरा नंबर 4 में भेज दिया। वहां पहुंचने पर महिला डॉक्टर ने जांच के लिए पूछा तो उसने किट न होने की बात कहकर केजीएमयू जाने की सलाह दी।
दोपहर 1 बजे
स्थान-बलरामपुर अस्पताल
अस्पताल के ओपीडी परिसर में किसी भी काउंटर पर नमूना संग्रह के लिए काउंटर नहीं बना मिला। जांच के लिए काउंटर पहुंचे तो माइक्रोबॉयोलॉजी लैब भेजा गया। वहां भी किट उपलब्ध न होने की बात कही। कर्मचारियों ने बताया अभी तक नमूना संग्रह के लिए कोई भी गाइड लाइन भी अस्पताल स्तर से नहीं मिली है। ऐसे में जांच के लिए बड़े संस्थान जाने की सलाह दी गई।
दोपहर 1:30 बजे
स्थान - अलीगंज सीएचसी
अलीगंज सीएचसी में भी नमूना संग्रह के लिए काउंटर तक नहीं बना मिला। रक्त नमूना संग्रह काउंटर पर जाकर स्वाइन फ्लू जांच के लिए पूछा गया तो कर्मचारी ने जांच न होने की बात कही। इसके बाद दवा स्टोर पर जाकर टैमीफ्लू दवा मांगी गई। काउंटर पर मौजूद फार्मासिस्ट ने टैमीफ्लू दवा की आपूर्ति न होने की बात कही