आर्थिक समीक्षा के अनुसार, वर्ष 2024–25 में प्रदेश की जीएसडीपी (राज्य सकल घरेलू उत्पाद) में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी 25.8 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र की 27.2 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र की 47 प्रतिशत रही है। यह दर्शाता है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था अब केवल कृषि आधारित न रहकर बहु-क्षेत्रीय हो गई है। प्रदेश का बजट आकार वर्ष 2016–17 में 3.47 लाख करोड़ था, जो वर्ष 2025–26 में 8.33 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। 2008-09 से 2016-17 (8 वर्ष) के बीच यह वृद्धि मात्र 2.34 लाख करोड़ थी।
सार्वजनिक निवेश के लिए पूंजीगत व्यय में दो गुने से अधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2016–17 में पूंजीगत व्यय 69.79 हजार करोड़ था, जो वर्ष 2024–25 में बढ़कर 147.72 हजार करोड़ हो गया। समीक्षा में प्रदेश की राजकोषीय स्थिति को अनुशासित बताया है। सार्वजनिक ऋण-से-जीसडीपी अनुपात वर्ष 2016–17 के 29.3 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2024–25 में 28.0 प्रतिशत हो गया है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। प्रदेश का अपना कर राजस्व वर्ष 2016–17 में 86 हजार करोड़ थाा, जो 2024–25 में लगभग ढाई गुना बढ़कर 2.09 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।