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यूपी: प्रदेश में हो सकता है बिजली संकट, 5000 मेगावाट की उत्पादन इकाइयां बंद; गांवों की आपूर्ति पर पड़ेगा असर

Wed, 25 Feb 2026 12:10 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Power crisis in UP: प्रदेश में इन दिनों करीब 5000 मेगावाट की बिजली उत्पादन इकाइयां बंद हैं। इसके चलते आने वाले दिनों में बिजली संकट आ सकता है। 
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बिजली संकट। - फोटो : freepik.com
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विस्तार
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प्रदेश में इन दिनों करीब 5000 मेगावाट की बिजली उत्पादन इकाइयां बंद हैं। इकाइयां बंद करने के पीछे बिजली की कम मांग (लो डिमांड) को बड़ा कारण बताया जा रहा है। हालांकि, 22 उत्पादन इकाइयां रिवर्स शटडाउन (आरएसडी), प्लांड शटडाउन (एओएच) अथवा अन्य कारणों से बंद हैं। कुछ मरम्मत कार्य के चलते बंद हैं। इस स्थिति पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सवाल उठाया कि उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली मिल नहीं रही और इकाइयां कम मांग के चलते बंद की जा रही हैं।

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परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा, हर उपभोक्ता से फिक्स चार्ज लिया जाता है। केंद्रीय उपभोक्ता अधिकार नियमावली 2020 की धारा 10 के तहत हर उपभोक्ता को 24 घंटे बिजली पाने का अधिकार है। इसके बाद भी ग्रामीण इलाके में 18 घंटे बिजली देने का रोस्टर लागू है। पर, हकीकत में उपभोक्ताओं को 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल रही है। कहा, इस वक्त कम मांग है तो सभी इकाइयों को चलाकर ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी 24 घंटे बिजली देने का प्रयास होना चाहिए था। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो उपभोक्ता हित में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी ऊर्जा प्रबंधन की होगी।
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ये इकाइयां बंद
राज्य विद्युत उत्पादन निगम की अनपरा, हरदुआगंज, जवाहरपुर, ओबरा सी और परीछा। टांडा थर्मल की चारों इकाइयां।

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