डीए में वृद्धि का लाभ नियमित राज्य कर्मचारियों के अलावा सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और यूजीसी वेतनमान पाने वाले पात्र कर्मचारियों को भी मिल सकता है। वहीं, राज्य के पात्र पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को डीआर बढ़ने से राहत मिलेगी।
तीन फीसदी डीए बढ़ने से कर्मचारियों के मूल वेतन के आधार पर हर महीने मिलने वाली राशि बढ़ जाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30,000 रुपये है, तो तीन फीसदी वृद्धि से उसे हर महीने 900 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। वहीं, 50,000 रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी को 1,500 रुपये प्रतिमाह का लाभ होगा। पेंशनरों को भी उनकी पात्र मूल पेंशन के आधार पर अतिरिक्त महंगाई राहत मिलेगी।