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यूपी: बोर्ड परीक्षाओं के ठीक बाद हो सकते हैं चुनाव, परीक्षा तारीखें घोषित होने के बाद लग रहे ये अनुमान

Tue, 13 Oct 2026 06:49 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

UP Board Exams: यूपी के चुनाव बोर्ड परीक्षाओं के ठीक बाद हो सकत हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं पांच फरवरी से 24 फरवरी के बीच होंगी। 
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प्रदेश में जल्द शुरू होंगी चुनावी तैयारियां।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में कराना सांविधानिक बाध्यता है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पहले ही कह चुके हैं कि विधानसभा चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही होंगे। फरवरी में यूपी बोर्ड परीक्षाएं भी होनी हैं। दोनों को एकसाथ कराना आयोग के लिए बड़ी चुनौती होगा। लिहाजा, यूपी में चुनावी इम्तिहान बोर्ड परीक्षाओं के बाद संभव है।

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यूपी विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को पूरा हो रहा है। वहीं, यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 5 फरवरी से 24 फरवरी के बीच होंगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल में कराए जा सकते हैं। हालांकि, आयोग से जुड़े लोग इससे सहमत नहीं हैं क्योंकि वर्ष 2022 में भी यूपी समेत पांच राज्यों के चुनाव एकसाथ हुए थे। इस बार भी चुनाव आयोग ऐसा ही कराएगा।

यूपी विधानसभा का कार्यकाल भले ही मई में समाप्त हो रहा हो लेकिन मणिपुर, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल क्रमश: 13, 16, 14 और 28 मार्च को पूरा हो रहा है। जानकारों का कहना है कि चुनाव आयोग यूपी का चुनाव अलग कराने का निर्णय शायद ही ले। इसलिए पांचों राज्यों का चुनाव 13 मार्च से पहले कराने की सांविधानिक बाध्यता है।
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नहीं टकराएंगी तारीखें : विभाग
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि उच्चस्तर से बातचीत के बाद ही परीक्षा की तिथियां तय की गई हैं। लिहाजा, आयोग अपना कार्यक्रम इस तरह जारी करेगा जिससे परीक्षा और मतदान की तारीखें आपस में न टकराएं। यूपी में वर्ष 2022 में 8 जनवरी को आचार संहिता लगी थी। चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच सात चरणों में हुआ था। इस बार भी तिथियां कुछ ऐसी ही रहेंगी।

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चुनाव के बीच यूपी बोर्ड परीक्षा कराना होगा चुनौती

बोर्ड परीक्षाओं के साथ हो सकती हैं परीक्षाएं? - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
 माध्यमिक शिक्षा विभाग को यूपी बोर्ड की परीक्षाएं विधानसभा चुनाव के बीच कराना बड़ी चुनौती होगी। यूपी समेत पांच राज्यों में फरवरी-मार्च में चुनाव कराना संवैधानिक बाध्यता है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पहले ही कह चुके हैं कि ये चुनाव अपने निर्धारित समय पर होंगे। अलबत्ता यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की तिथियों को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग अपना कार्यक्रम जारी कर सकता है।

यूपी विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त हो रहा है। वहीं, यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 5 फरवरी से 24 फरवरी के बीच होंगी। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल में कराए जा सकते हैं। लेकिन, आयोग से जुड़े लोग इससे सहमत नहीं हैं। इसकी वजह है कि वर्ष 2022 में भी यूपी समेत पांच राज्यों के चुनाव एक साथ हुए थे। इस बार भी चुनाव आयोग ऐसा ही कराएगा।

अब यूपी की विधानसभा का कार्यकाल भले ही मई में समाप्त हो रहा हो, लेकिन मणिपुर, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड की विधानसभा का कार्यकाल क्रमश: 13 मार्च, 16 मार्च, 14 मार्च और 28 मार्च को समाप्त हो रहा है। जानकारों का कहना है कि यूपी का चुनाव एकदम अलग कराने का निर्णय शायद ही चुनाव आयोग ले। इसलिए पांचों राज्यों यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर का चुनाव 13 मार्च से पहले कराने की संवैधानिक बाध्यता है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि उच्चस्तर से बातचीत के बाद ही परीक्षा की तिथियां तय की गई हैं। इसलिए माना जा रहा है कि आयोग अपना कार्यक्रम इस तरह से जारी करेगा कि परीक्षा और मतदान की तिथियां कॉमन न रहें। यहां बता दें कि वर्ष 2022 में यूपी में आचार संहिता 8 जनवरी को लगी थी। चुनाव सात चरणों में 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच हुआ था। इस बार भी तिथियां कुछ इसी तरह से रहेंगी।
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