वाराणसी की कैंट विधानसभा क्षेत्र की मसौदा मतदाता सूची में दो मतदाताओं के नाम मलयालम में प्रकाशित होने का मामला सामने आया है। इसको लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है, क्योंकि यूपी में मतदाता सूची हिंदी या उर्दू में ही मिलती है।
सपा के प्रतिनिधियों ने यह मामला मंगलवार को चुनाव आयोग की बैठक में उठाया। वाराणसी की कैंट विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथ संख्या 145 के क्रम संख्या 73 पर मतदाता व उसके पति का नाम मलयालम में हैं, जबकि पता हिंदी में है। इसी तरह क्रमांक-90 पर भी ब्योरा मलयालम में दर्ज है।
आयोग बोला मानवीय त्रुटि
इस बारे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा का कहना है कि ये मतदाता केरल से उत्तर प्रदेश में स्थानांतरित हुए हैं। उन्होंने अपना ब्योरा अंग्रेजी में भरा है, जबकि सॉफ्टवेयर ने स्थानीय भाषा हिंदी के स्थान पर पूर्व में मलयालम में दिए गए ब्योरे को ही उठा लिया। यह देखने की जिम्मेदारी ईआरओ और बीएलओ की थी, जिन्होंने इस पर गौर नहीं किया। यह मानवीय त्रुटि है।
46 विधानसभा क्षेत्रों में उर्दू में भी प्रकाशित होती है सूची
यहां बता दें कि यूपी में मतदाता सूची हिंदी में प्रकाशित होती है, जबकि 46 विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची हिंदी के साथ-साथ उर्दू में भी प्रकाशित होती है। इन 46 विधानसभा क्षेत्रों में उर्दू समझने व पढ़ने वाली आबादी अधिक है। इस तरह से यूपी में हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू (46 विधानसभा क्षेत्र) में ब्योरा लिया जाता है।