दूसरी ओर पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल के विस्तार की प्रतीक्षा जल्द ही खत्म होने वाली है। प्रस्तावित फेरबदल के खाका पर लगभग सहमति बन चुकी है और नाम भी तय हो चुके हैं, लेकिन दूसरे प्रदेशों में हो रहे चुनावों में व्यस्त होने के कारण पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर फाइनल बैठक नहीं हो पा रही है। उधर विस्तार की अटकले तेज होने पर मंत्री पद के दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं। उनका दिल्ली दौरा फिर से शुरू हो चुका है। वहीं, मौजूदा मंत्रियों के बीच भी हलचल बढ़ गई है। संभावित फेरबदल को लेकर कई मंत्रियों की धड़कनें तेज हो गई हैं, क्योंकि विस्तार के साथ प्रदर्शन के आधार पर बदलाव की भी संभावना जताई जा रही है। ऐसे में कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में कटौती या उन्हें बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिहाज से इस बार कैबिनेट में अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।