इसमें पात्रता के विषय में प्रमाणपत्रों के सत्यापन की जांच की जाएगी। मतदान से दो दिन पूर्व प्रबंधकों की बैठक में मतदाता सूची में पात्रता का सत्यापन किया जाना चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो चुका है और मतदाता सूची प्रत्याशियों को दी जा चुकी है।
इसके अलावा सपा ने ज्ञापन में कहा है कि बस्ती में बस्ती सदर विधानसभा क्षेत्र, महादेवा विधानसभा, रुधौली और हर्रैया विधानसभा क्षेत्रों में लाखों की संख्या में डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम दर्ज है। पीलीभीत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में सैकड़ों मतदाताओं के नाम के इपिक की ऑनलाइन जांच करने पर किसी अन्य मतदाता का पूरा विवरण प्रदर्शित होने लगता है।
मतदाता सूची में दर्ज नाम के इपिक के ऑनलाइन सर्च में किसी अन्य मतदाता का विवरण प्रदर्शित होना अत्यंत गंभीर समस्या है, जिसका समाधान आयोग को तत्काल करना चाहिए। इसके अलावा बस्ती की चारों विधानसभा क्षेत्रों में कई लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं। ज्ञापन देने वालों में सपा के प्रदेश सचिव केके श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल थे।