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UP: आश्रम पद्धति विद्यालयों में भी अगस्त से शुरू होंगे स्किल कोर्स, कौशल विकास मंत्री ने दिए तैयारी के निर्देश

Wed, 08 Jul 2026 01:13 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर युवा को हुनरमंद बनाकर रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभाग की सभी योजनाओं का समय से पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
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कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आश्रम पद्धति विद्यालयों में भी अगस्त से स्किल कोर्स शुरू होंगे। इससे सामाजिक व आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को भी तकनीकी दक्षता मिल सकेगी। ये निर्देश व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने विभागीय समीक्षा बैठक में दिए।

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अटल आवासीय विद्यालयों में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा में उन्होंने छात्रों को आधुनिक कौशल आधारित प्रशिक्षण देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर युवा को हुनरमंद बनाकर रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभाग की सभी योजनाओं का समय से पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकताओं को देखते हुए आईटीआई में युवाओं के लिए अधिकाधिक शॉर्ट टर्म व रोजगारपरक कौशल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सॉफ्ट स्किल, डिजिटल लर्निंग, संवाद कौशल, इंटरव्यू की तैयारी, रिज्यूम लेखन व व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों को भी शामिल किया जाए, जिससे युवाओं की रोजगार क्षमता और अधिक बढ़ सके। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग की सभी योजनाओं की जिला व मुख्यालय स्तर पर नियमित समीक्षा करें। हर प्रशिक्षण केंद्र की प्रगति की सतत निगरानी करें। प्रशिक्षण की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।
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रोजगार मेलों की जानकारी दें
मंत्री ने कहा कि विभाग उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित करे और स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि आईटीआई व कौशल विकास संस्थानों में होने वाले रोजगार मेलों की जानकारी अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाई जाए, जिससे अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता व रुचि के अनुसार रोजगार का अवसर मिल सके। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं की सफलता की कहानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

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