पंचायतीराज विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने के अनुरोध के साथ बताया कि पंचायतीराज अधिनियम के अनुसार, ये चुनाव पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के छह माह पहले या बाद तक कराए जा सकते हैं। इसलिए छह माह से ज्यादा चुनाव टालने पर केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता रुक जाएगी। फिर यूपी में वर्ष 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी पंचायत चुनावों को टालना मुमकिन नहीं होगा। इसलिए इन सब स्थितियों के बीच ही समाधान ढूंढने होंगे।