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यूपी: कैसे जुड़े श्रद्धा के नागपुर से तार, तलाशी जा रही है जेड गैंग से कनेक्शन की पड़ताल; पढ़िए पूरी कुंडली

Wed, 21 Oct 2026 08:42 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

रायबरेली के एक मोहल्ले से निकलकर श्रद्धा दुबे हाईप्रोफाइल कैसे बनी, यह सवाल अब भी बरकरार है। बताया जाता है कि वर्ष 2016 में उसने राजनीति में किस्मत आजमाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रही।
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श्रद्धा दुबे के हाईप्रोफाइल बनने की कहानी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 महाराष्ट्र के नागपुर में मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद मुंबई के जेड गैंग से उसके संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि गैंग ने उसे नागपुर में संरक्षण देने और फार्म हाउस में ठहराने के लिए बुलाया था। हालांकि, श्रद्धा के गैंग से संबंधों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जेड गैंग के सरगना जुल्फिकार बेहलिम और उसका भाई मोहसिन बेहलिम बताए जाते हैं। गैंग पर मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में रंगदारी, कारोबारियों को धमकाने और हिंसा जैसी वारदातों में शामिल होने के आरोप हैं। जुलाई 2026 में एक बिल्डर से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में जुल्फिकार, मोहसिन समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अगस्त में इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) लगाया गया। मुंबई पुलिस के अनुसार, गैंग के तार मादक पदार्थों और सोने की तस्करी से भी जुड़े हैं।

यूपी पुलिस के पास श्रद्धा के इस गैंग से संबंधों का फिलहाल कोई पुष्ट सबूत नहीं है। हालांकि, फरारी के दौरान नागपुर पहुंचने और संरक्षण मिलने के पहलू की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि गैंग ने श्रद्धा को एक फार्म हाउस में ठहराने की तैयारी की थी लेकिन यूपी पुलिस को समय रहते उसकी लोकेशन मिल गई और फार्म हाउस स्थानांतरित होने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धा की मदद करने वालों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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गाड़ी में पीछे बैठने से श्रद्धा करती रही मना
नागपुर में गिरफ्तारी के बाद श्रद्धा का 1.18 मिनट का वीडियो सामने आया है। इसमें वह पुलिसकर्मियों से गाड़ी की पिछली सीट पर बैठाने से मना करती और सांस लेने में परेशानी की बात कहती सुनाई देती है। वह आगे की सीट पर बैठाने का अनुरोध करती है लेकिन पुलिसकर्मी उसे अन्य आरोपियों के साथ सबसे पीछे वाली सीट पर बैठने के लिए कहते हैं। पुलिसकर्मी श्रद्धा को भरोसा दिलाते हैं कि दिक्कत होने पर व्यवस्था की जाएगी। इससे पहले वीडियो में पुलिसकर्मी श्रद्धा से कहते नजर आ रहे हैं कि मीडिया तो कुछ भी दिखाती है। मीडिया ने तुम्हारी बदनामी कर दी। इस पर श्रद्धा कहती है कि ऐसा मीडिया की वजह से हुआ है।

श्रद्धा के मोबाइल फोन के डाटा से खुल सकते हैं कई राज
कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस की नजर माॅडल श्रद्धा और अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन पर है। उसके मोबाइल में ऐसे राज छिपे होने की आशंका है, जिनके सामने आने पर कई सफेदपोशों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नागपुर से गिरफ्तार श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश के पास से चार मोबाइल फोन मिले हैं। इनमें फरारी के दौरान लोगों से हुई बातचीत और चैट के रिकॉर्ड होने की संभावना है। इसके अलावा, घटना से पहले आरोपियों की किन-किन लोगों से बातचीत होती थी, इसकी जानकारी भी मोबाइल फोन से मिल सकती है। अब सवाल उठ रहा है कि आरोपियों के मोबाइल फोन का डाटा कभी सामने आएगा या कई राज हमेशा के लिए दफन रह जाएंगे।
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शिवा की मां ने सरकार और पुलिस का जताया आभार, कहा- अभी लड़ाई बाकी

शिवा शर्मा की मां रंजना ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर सरकार और लखनऊ पुलिस का आभार जताया है। उन्होंने अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। रंजना ने कहा कि अभी लड़ाई बाकी है। आरोपियों को सजा मिलने तक उन्हें पूरा न्याय नहीं मिलेगा। गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद वह बुधवार को परिवार के साथ बेटे की अस्थियां विसर्जित करने हरिद्वार रवाना हो गईं। इससे पहले उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी तक अस्थियां विसर्जित नहीं की थीं।

दानिश की बहन बोली, भाई ड्यूटी पर गया था फिर नहीं लौटा
मॉडल श्रद्धा के चालक आलमबाग निवासी दानिश की बहन का वीडियो बयान सामने आया है। उनका कहना है कि दानिश चार महीने से श्रद्धा के यहां ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था। घटना वाले दिन भी वह रोज की तरह ड्यूटी पर गया था लेकिन इसके बाद घर नहीं लौटा। दानिश की बहन के मुताबिक, उन्हें मीडिया के जरिये ही शिवा शर्मा की मौत और भाई के नेपाल भाग जाने की जानकारी मिली। उनका कहना है कि दानिश का इस घटना से क्या संबंध है, इस बारे में उन्हें कुछ भी पता नहीं है।

शादी, तलाक और फिर मॉडलिंग में आजमाई किस्मत

श्रद्धा दुबे - फोटो : अमर उजाला
 रायबरेली के एक मोहल्ले से निकलकर श्रद्धा दुबे हाईप्रोफाइल कैसे बनी, यह सवाल अब भी बरकरार है। बताया जाता है कि वर्ष 2016 में उसने राजनीति में किस्मत आजमाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रही। इसके बाद उसने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे हाईप्रोफाइल लोगों के संपर्क में आ गई।

श्रद्धा की शादी वर्ष 2010 के आसपास प्रतापगढ़ निवासी लोकेश पांडेय से हुई थी। लोकेश हैदराबाद की एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। शादी के बाद श्रद्धा भी उनके साथ हैदराबाद चली गई लेकिन करीब एक साल बाद दोनों के बीच अनबन हो गई। इसके बाद श्रद्धा पति से अलग होकर लखनऊ आ गई।

बताया जाता है कि वर्ष 2016 में उसने एक राजनीतिक पार्टी के कद्दावर नेता के संपर्क में आने की कोशिश की और करीब एक साल तक पार्टी से जुड़ी रही। गांव में चर्चा थी कि वह चुनाव लड़ना चाहती थी। हालांकि, वर्ष 2017 में पार्टी के चुनावी नतीजे अच्छे नहीं रहे तो उसने राजनीति से दूरी बना ली।

इसके बाद श्रद्धा ने मॉडलिंग पर ध्यान देना शुरू किया। वर्ष 2018 और 2019 में उसने कई फोटोशूट कराए, जिन्हें पसंद किया गया। वर्ष 2020-21 में उसने मॉडलिंग की दुनिया में पहचान बनाई और विभिन्न डिजाइनरों के लिए रैंप वॉक किया। कुछ पोस्ट में वह ज्वेलरी ब्रांड के लिए मॉडलिंग करती भी नजर आई।

वर्ष 2022 में तलाक के बाद श्रद्धा पूरी तरह लखनऊ में रहने लगी। इसके बाद उसके रहन-सहन और कामकाज के तौर-तरीकों में बदलाव आने की बात सामने आई। उसने मॉडलिंग कम कर दी और हाईप्रोफाइल लोगों के बीच उसकी सक्रियता बढ़ने लगी। हालांकि, उसके इस बदलाव के पीछे की वजहें अब भी स्पष्ट नहीं हैं।
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कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड : कब क्या-क्या हुआ

  • 9 अक्तूबर : हजरतगंज के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर अलीगंज निवासी कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
  • 10 अक्तूबर : शिवा की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर हजरतगंज थाने में मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि, चालक तनवीर अली उर्फ दानिश, आदिल और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
  • 10 अक्तूबर : पुलिस की पड़ताल में श्रद्धा और उसके साथियों की गाड़ी के सीतापुर-लखीमपुर मार्ग से बहराइच के रुपईडीहा पहुंचने की जानकारी सामने आई। उनकी आखिरी लोकेशन सुबह करीब 6:20 बजे भारत-नेपाल सीमा के पास मिली थी। इसके बाद उनके नेपाल भागने की आशंका जताई गई।
  • 13 अक्तूबर : डीसीपी मध्य ने तीनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस को बहराइच के रुपईडीहा इलाके में श्रद्धा की एसयूवी पार्किंग में खड़ी मिली।
  • 15 अक्तूबर : सोशल मीडिया पर श्रद्धा के वीडियो सामने आए। उसने शिवा की मौत को आत्महत्या बताते हुए खुद को निर्दोष बताया। एक अन्य वीडियो में शिवा के कर्ज और जेवर ले जाने के दावे भी सामने आए।
  • 16 अक्तूबर : पुलिस ने श्रद्धा और अन्य आरोपियों की तलाश में नेपाल पुलिस से मदद मांगी।
  • 17 अक्तूबर : श्रद्धा दुबे, रश्मि और तनवीर अली उर्फ दानिश के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। उसी दिन हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया।
  • 18 अक्तूबर : पुलिस ने फरार चालक दानिश के परिजनों से पूछताछ की। आरोपियों पर इनाम की राशि 25-25 हजार से बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी गई। उसी दिन डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को पद से हटा दिया गया।
  • 19 अक्तूबर : श्रद्धा की तलाश में पुलिस टीम रायबरेली स्थित उसके घर पहुंची और उसके पिता एसपी दुबे व सौतेली मां से पूछताछ की। श्रद्धा की गिरफ्तारी न होने पर एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को भी पद से हटा दिया गया।
  • 20 अक्तूबर : लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई कर नागपुर से श्रद्धा, रश्मि और चालक दानिश को गिरफ्तार किया।
  • 21 अक्तूबर : श्रद्धा, रश्मि और चालक दानिश को नागपुर कोर्ट में पेश किया गया। ट्रांजिट रिमांड मिलने पर हजरतगंज पुलिस तीनों कोे लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुई।
  • 21 अक्तूबर : श्रद्धा का मित्र व मैनेजर नामजद आरोपी आदिल को भी यूपी एसटीएफ ने बुधवार दोपहर गिरफ्तार किया।
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