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UP: रेलवे का चौंकाने वाला खुलासा, 550 बार ट्रैक और ट्रेनों को बनाया निशाना, GRP ने 250 जगहों पर बढ़ाई निगरानी

Sat, 04 Jul 2026 09:13 AM IST
Akash Dwivedi अशोक मिश्रा, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश में पिछले डेढ़ वर्ष में रेलवे ट्रैक और ट्रेनों को करीब 550 बार निशाना बनाया गया। जीआरपी ने 250 हॉटस्पॉट चिह्नित कर ड्रोन, सोलर कैमरों और रेल मित्रों की मदद से निगरानी बढ़ाई है। दोषियों पर रेलवे एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे चलाए जा रहे हैं।
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ड्रोन से ली गई तस्वीर। - फोटो : RPF
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विस्तार
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प्रदेश में बीते डेढ़ वर्ष के दौरान रेलवे ट्रैक और ट्रेनों को करीब 550 बार निशाना बनाया गया है। अराजक तत्वों ने वंदे भारत जैसी ट्रेनों पर पत्थरबाजी की और ट्रैक पर खतरनाक वस्तुएं रखीं। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने ऐसी घटनाओं वाले 250 हॉट स्पॉट चिह्नित किए हैं।

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इन हॉट स्पॉट पर जमीन से लेकर आसमान तक ड्रोन व सोलर कैमरों से निगरानी की जा रही है। आधे से अधिक हॉट स्पॉट पश्चिमी उप्र के मुरादाबाद और आगरा अनुभाग के जिलों में हैं। जीआरपी की मैपिंग से पता चला है कि ऐसी घटनाएं पूरे प्रदेश में फैली हैं, जिनमें बिहार के सीमावर्ती जिले भी शामिल हैं। दिल्ली से बिहार जाने वाला रेलवे का मुख्य मार्ग अराजक तत्वों के निशाने पर है। 

वीवीआईपी के सफर के दौरान भी ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं हुई हैं। इसकी रोकथाम के लिए जीआरपी ने 3000 से अधिक रेल मित्र बनाए हैं, जो व्हाट्सग्रुप से सूचनाएं जुटाते हैं। जांच में सामने आया है कि अधिकतर मामले रेलवे ट्रैक के पास बसी अवैध बस्तियों के आसपास होते हैं। जीआरपी और आरपीएफ मिलकर ऐसी जगहों पर रहने वालों को चिह्नित कर रहे हैं। कबाड़ बेचने वालों पर भी नजर रखी जा रही है, जो ट्रैक को नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुएं बेचते हैं।

 

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इन अनुभागों में हॉटस्पॉट चिह्नित

 
मुरादाबाद 70
आगरा 56
प्रयागराज 69
गोरखपुर 23
लखनऊ 20
झांसी 12
 
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उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान

जीआरपी रेलवे एक्ट की धारा 152 के तहत कार्रवाई करती है, जिसमें न्यूनतम 10 वर्ष से उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। आरपीएफ केवल सात साल तक की सजा वाले मामलों में ही कार्रवाई कर पाती है। जीआरपी दोषियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का उपयोग कर रही है। मुखबिर तंत्र भी विकसित किया जा रहा है और संदिग्धों का त्रिनेत्र एप से डिजिटल सत्यापन होता है। रेलवे को भी निर्माण सामग्री सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।

सुरक्षा जीआरपी की पहली प्राथमिकता

डीजी जीआरपी प्रकाश डी. ने बताया कि रेलवे ट्रैक और ट्रेनों को निशाना बनाने वाले अराजक तत्वों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जा रही है। फास्ट ट्रैक कोर्ट की मदद से ऐसे मामलों की सुनवाई रोजाना कर सजा कराई जा रही है। रेल यात्रियों की सुरक्षा जीआरपी की पहली प्राथमिकता है।

 
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