लखनऊ में बारह साल की उम्र में छात्र ने सुसाइड कर लिया। छोटे भाई आदर्श ने बताया कि दोपहर में दो बार खाना खाने के लिए दरवाजा खटखटाया। भइया ने कुछ बोला ही नहीं, इसलिए मैं चला गया।
लखनऊ के मस्तीपुर गांव में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई। जब कक्षा 7 में पढ़ने वाले छात्र अंश (12) ने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। अंश मदाखेड़ा गांव स्थित मालती नारायण इंटर कॉलेज में कक्षा 7 का छात्र था। विधवा मां पूनम ने बताया कि मंगलवार सुबह वह खाना बनाकर काम के लिए पीजीआई चली गई थी।
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शाम को जब घर लौटी तो देखा कि घर का दरवाजा बंद है। काफी देर तक आवाज लगाई,तो दरवाजा न खुलने पर आसपास के लोगों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया। तो अंदर बेटे को फंदे पर लटकते देख होश उड़ गए। वहीं, ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष अनुज तिवारी ने बताया की मां और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई,लेकिन अभी तक मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है,मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
खाना खाने के लिए दो बार दरवाजा खटखटाया
मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों की भीड़ में एक किनारे खड़े छोटे भाई आदर्श 8 ने पूछने पर बताया कि उसने दोपहर में दो बार खाना खाने के लिए दरवाजा खटखटाया और भइया अंश को आवाज भी लगाई पर दरवाजा न खुलने पर गांव में दूसरे मोहल्ले में खेलने के लिय चला गया।
ढाई साल पूर्व पति ने भी आत्महत्या कर दे दी थी जान
मृतक के परिवार में विधवा मां पूनम और छोटा भाई आदर्श 8 है। पिता महेश ने भी लगभग ढाई वर्ष पूर्व फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पिता की मौत के बाद पूनम घर का खर्च चलाने के लिए पीजीआई इलाके के घरों में झाड़ू-पोछा का काम करती हैं। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई।