मुंबई के यात्रियों को जल्द बड़ी राहत मिलेगी। लखनऊ-मुंबई रूट पर सप्ताह में एक या तीन-चार दिन चलने वाली सात ट्रेनों को रोजाना चलाया जाएगा। इससे करीब 30 हजार यात्रियों का सफर सुहाना होगा। एक सप्ताह में उद्योगनगरी एक्सप्रेस (12174) से इसकी शुरुआत होगी। अभी चार ट्रेनें मुंबई के लिए नियमित चलती हैं। वहीं, उत्तर रेलवे सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि मुंबई के लिए सात ट्रेनों को नियमित करने से हजारों यात्रियों को लाभ होगा। इसके साथ ही रेलवे का राजस्व भी बढ़ेगा।
ट्रेनों में कंफर्म सीट न मिलने से मुंबई आना-जाना मुहाल हो गया है। यात्रियों की दिक्कतों को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने सात और ट्रेनों को नियमित करने की योजना तैयार की है। अधिकारियों के अनुसार, उद्योगनगरी एक्सप्रेस (12174) व सीतापुर एलटीटी एक्सप्रेस (12108) सप्ताह में मंगलवार व बृहस्पतिवार को मुंबई के लिए चलती है। गोरखपुर-पनवेल एक्सप्रेस (15065) का संचालन सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार व रविवार को होता है।
गोरखपुर एलटीटी एक्सप्रेस (11080) सिर्फ शनिवार को, लखनऊ एलटीटी एसी एक्सप्रेस (22122) सिर्फ रविवार को, लखनऊ जंक्शन-बांद्रा सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20922) रविवार तथा एलटीटी एक्सप्रेस (12144) सिर्फ मंगलवार को चलती है। सूत्र बताते हैं कि इन सातों ट्रेनों को रेगुलर करने की तैयारी है। अभी आजमगढ़-मुंबई एक्सप्रेस (20104), पुष्पक एक्सप्रेस (12533), कुशीनगर एक्सप्रेस (22537) व अवध एक्सप्रेस (19038) नियमित चलती हैं।
अफसरों ने मांगे 20 रैक
रेलवे अधिकारी बताते हैं कि लखनऊ से मुंबई रूट पर एक ट्रेन को रोजाना चलाने के लिए कम से कम चार रैक (बोगियों का सेट) की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सात ट्रेनों को रेगुलर करने के लिए 28 रैक चाहिए, जिनमें से 14 उपलब्ध हैं। इसके साथ ही छह रैक आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए चाहिए। सूत्र बताते हैं कि अफसरों ने 20 रैक की मांग की है, जिसकी व्यवस्था की जा रही है।
महीनों से नहीं मिले कंफर्म टिकट
दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल का आरोप है कि करीब आठ महीने से मुंबई रूट की ट्रेनों में यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं। अब वेटिंग पर अंकुश होने से हालात और बुरे हो गए हैं। पुष्पक की स्लीपर में शनिवार व रविवार को रिग्रेट है। थर्ड एसी में शनिवार को रिग्रेट व रविवार को 61 वेटिंग है। कुशीनगर एक्सप्रेस में रिग्रेट व अवध एक्सप्रेस में भी सीटें नहीं मिल रही हैं। अन्य ट्रेनों के भी यही हालात हैं।