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यूपी: दिल्ली-मुंबई की ट्रेनों में सीटें फुल, अभी से हुआ रिग्रेट; 50 स्पेशल ट्रेनें और अतिरिक्त कोच देंगे राहत?

Sun, 20 Sep 2026 08:45 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Trains on Diwali: यूपी के उन लोगों के लिए यह खबर सुकून देने वाली नहीं है जो त्योहारी मौसम में दिल्ली और मुंबई से यूपी में घर वापस आते हैं। 
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दिवाली और छठ पर टिकट। - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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 रेलवे ने वेटिंग की सीटों पर कैपिंग (सीमा तय करना) कर दी है। इससे यात्रियों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। दिल्ली व मुंबई की अधिकतर ट्रेनों में रिग्रेट शुरू हो गया है। सीटें फुल होने से त्योहार की खुशियां फीकी पड़ने की आशंका है।

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लखनऊ से मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस में पहले त्योहारों पर वेटिंग कोटे में 350 तक सीटें बुक होती थीं। ऐसे ही दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस में भी वेटिंग 200 तक चली जाती थी। इससे यात्री काउंटर से बने वेटिंग टिकटों पर जनरल में भी यात्रा कर पाते थे। लेकिन ट्रेनों में भीड़ घटाने के नाम पर अब रेलवे प्रशासन ने वेटिंग कोटे की सीटों पर सीमा तय कर दी है। अब वेटिंग का आंकड़ा 150 पार होते ही रिग्रेट शुरू हो जाता है और वेटिंग के भी टिकट बुक नहीं होते। इससे यात्रियों के सामने सफर का संकट खड़ा हो गया है।

दिल्ली से लखनऊ आने वाली लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस, गोमती, अयोध्या एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ, गोरखधाम, वैशाली आदि ट्रेनों में रिग्रेट व वेटिंग चल रही है। ऐसे ही मुंबई से लखनऊ आने वाली पुष्पक, अवध, कुशीनगर आदि ट्रेनों में रिग्रेट चल रहा है। इससे दीपावली पर लखनऊ आने में दिक्कतें होंगी। दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल का कहना है कि रेलवे यात्रियों को कन्फर्म सीटें उपलब्ध कराने में विफल साबित हो रहा है। ऐसे में कम से कम वेटिंग टिकट बुक होने पर यात्रियों की उम्मीदें बंधी रहती थीं मगर अब ऐसा भी नहीं हो रहा है।

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50 से अधिक स्पेशल ट्रेनों की मांग

लखनऊ से दिल्ली, मुंबई व हावड़ा रूट पर दीपावली को देखते हुए कम से कम 50 स्पेशल ट्रेनें चलाने की यात्रियों ने मांग की है। एसएस उप्पल ने बताया कि स्पेशल ट्रेनों का किराया भले ही महंगा हो, पर त्योहार पर यात्रियों के लिए घर आने का विकल्प उपलब्ध रहता है। दीपावली अभी दूर है, फिर भी वेटिंग यात्रियों का आंकड़ा 20 हजार पार कर चुका है।
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180 अतिरिक्त बोगियों से राहत की उम्मीद

इतना ही नहीं, रेगुलर ट्रेनों में अतिरिक्त बोगियां लगाकर व ट्रेनों के फेरे बढ़ाकर यात्रियों को राहत दी जा सकती है। स्लीपर, जनरल व एसी की 180 बोगियों को रेगुलर ट्रेनों में लगाने से सफर आसान हो सकता है। इसके अलावा जो साप, पाक्षिक ट्रेनें हैं, उन्हें त्योहार को देखते हुए रेगुलर किया जाना चाहिए।
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