2 करोड़ की जमीन कुछ ही मिनटों में 18.5 करोड़ की
संजय सिंह द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार 18 मार्च 2021 को सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने कुसुम पाठक और हरीश पाठक से गाटा संख्या 243, 244 और 246 की जमीन दो करोड़ रुपये में खरीदी।
आरोप है कि उसी दिन कुछ ही देर बाद यही जमीन ट्रस्ट को 18.5 करोड़ रुपये में बेच दी गई। सांसद का दावा है कि इस एक सौदे में करीब 16.5 करोड़ रुपये का अंतर है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस बैनामे के गवाह तत्कालीन मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा थे।
मेयर के रिश्तेदार को करोड़ों का फायदा
दस्तावेजों में एक अन्य सौदे का जिक्र करते हुए दावा किया गया है कि तत्कालीन मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के भतीजे दीप नारायण ने फरवरी 2021 में 20 लाख रुपये में जमीन खरीदी और कुछ माह बाद मई 2021 में वही जमीन ट्रस्ट को 2.5 करोड़ रुपये में बेच दी। सांसद का आरोप है कि इस सौदे में अकेले 2.30 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया गया। इसके अलावा दान में मिली एक अन्य जमीन भी एक करोड़ रुपये में ट्रस्ट को बेचे जाने का उल्लेख दस्तावेजों में किया गया है।
एसआईटी के सामने पेश हुए आप सांसद संजय सिंह।
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नजूल जमीन पर भी उठे सवाल
संजय सिंह ने एसआईटी को दिए दस्तावेजों में दावा किया है कि गाटा संख्या 247 की जमीन, जिसकी कीमत लगभग 2.93 करोड़ रुपये थी, उसे अप्रैल 2024 में 23.61 करोड़ रुपये में खरीदा गया। आरोप है कि संबंधित भूमि को राजस्व अभिलेखों में नजूल (सरकारी) भूमि के रूप में भी चिह्नित किया जा चुका था।
इसी तरह एक अन्य दस्तावेज के अनुसार नवंबर 2023 में करीब नौ करोड़ रुपये मूल्य की जमीन 55.47 करोड़ रुपये में खरीदी गई। सांसद का दावा है कि जिस क्षेत्र में सरकार किसानों से लगभग 4.40 लाख रुपये प्रति बिस्वा की दर से भूमि अधिग्रहित कर रही थी, उसी क्षेत्र में ट्रस्ट ने करीब 47 लाख रुपये प्रति बिस्वा की दर से जमीन खरीदी।
इससे संबंधित भी दिए दस्तावेज, लगाए आरोप
एसआईटी को सौंपे गए दस्तावेजों में 4.97 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन आठ करोड़ रुपये में, 41.60 लाख रुपये की जमीन दो करोड़ रुपये में और 92.50 लाख रुपये की जमीन 5.60 करोड़ रुपये में खरीदे जाने के आरोप लगाया। सांसद ने महंत रघुवर शरण और यशोदा नंदन त्रिपाठी से जुड़े जमीन सौदों की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।