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यूपी: आधार में जन्मतिथि बदलने के नियमों में होगा बदलाव, अलग-अलग जन्म प्रमाण दिखाकर नहीं होगा अपडेट

Sat, 14 Feb 2026 06:47 PM IST
रोहित मिश्र सूरज शुक्ला, अमर उजाला लखनऊ

सार

Aadhaar update rules: यूपी में आधार अपडेट कराने के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। यह बदलाव जन्मतिथि को लेकर हुआ है। 
 
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आधार अपडेट के नियमों में बदलाव। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कई लोग उम्र कम दिखाने के लिए आधार में जन्मतिथि बदलवाते हैं। इसमें अलग-अलग जन्म प्रमाणपत्रों को इस्तेमाल किया जाता है। मतलब पहला वाला प्रमाणपत्र निरस्त करवा दूसरा बनवा लिया जाता है। उसके आधार पर आसानी से जन्मतिथि बदलवा ली जाती है लेकिन अब ये हेरफेर नहीं हो सकेगा। इसके लिए नियम को बदलकर सख्त कर दिया गया है।

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दरअसल जो जन्म प्रमाणपत्र बनते हैं उनमें विशेष जन्म पंजीकरण संख्या दर्ज होती है। अब जो भी आधार कार्डधारक जन्मतिथि बदलवाना चाहेगा तो उसको पहले वाले जन्म प्रमाणपत्र में ही सुधार करवाना होगा। मतलब प्रमाणपत्र की जन्म पंजीकरण संख्या पहले वाली ही होनी चाहिए। अगर कोई आवेदक नई जन्मतिथि का नया प्रमाणपत्र बनवाकर लगाएगा तो ये स्वीकार नहीं किया जाएगा। यानी पहले जन्मतिथि दर्ज थी, वही रहेगी।

इन वजहों से करते हैं हेरफेर

आधार कार्ड सेंटर।
कुछ लोग नौकरी में अधिक मौके के लिए जन्मतिथि में बदलाव करवाते हैं। विभिन्न खेलों से जुड़े कुछ खिलाड़ी भी इस तरह जन्मतिथि में बदलाव करवाते रहते हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे हैं जो एक से अधिक बार हाईस्कूल की परीक्षा देते हैं तो वह भी जन्मतिथि बदलते हैं। अब जो नियम बना, उसके तहत ये खेल नहीं हो पाएगा। जो भी ऐसा करेगा, वह पकड़ा जाएगा।
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80 फीसदी संशोधन जन्मतिथि का

आधार अपडेट करवाने के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों से लेकर केंद्रों पर भारी भीड़ लगी रहती है। आंकड़ों से पता चलता है कि करीब 80 फीसदी लोग आधार में जन्मतिथि बदलवाने आते हैं। हेरफेर न हो इसके लिए पहले ही नियम बना था कि एक से अधिक बार खुद से जन्मतिथि नहीं बदलवा सकते हैं। एक से अधिक बार के लिए क्षेत्रीय कार्यालय जाना होता है। इसके बावजूद जन्म प्रमाणपत्र नया बनवाकर हेरफेर कर लेते थे।

नियमों में होगा बदलाव 
जन्मतिथि में बदलाव करने को लेकर नियम बदला गया है। इसके लिए पहले दिए गए जन्म प्रमाणपत्र में ही संशोधन होना अनिवार्य होगा। अगर अलग जन्म पंजीकरण संख्या का जन्म प्रमाणपत्र होगा तो वह मान्य नहीं होगा।- प्रशांत कुमार सिंह, उप महानिदेशक यूआईडीएआई लखनऊ
 
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